1. Hindi News
  2. गुजरात
  3. गुजरात: भावनगर पुलिस ने बड़े साइबर क्राइम सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया, 134 म्यूल अकाउंट के जरिए 21.37 करोड़ के ट्रांजेक्शन हुए

गुजरात: भावनगर पुलिस ने बड़े साइबर क्राइम सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया, 134 म्यूल अकाउंट के जरिए 21.37 करोड़ के ट्रांजेक्शन हुए

गुजरात के भावनगर में एक बड़े साइबर क्राइम सिंडेकट के बारे में जानकारी सामने आई है, जिस पर भावनगर ग्रामीण पुलिस ने सख्त एक्शन लिया है।

Bhavnagar police- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT अब तक 9 गिरफ्तार

भावनगर: गुजरात के भावनगर में 134 म्यूल अकाउंट के जरिए ₹21.37 करोड़ के ट्रांजेक्शन का मामला हाल ही में "ऑपरेशन म्यूल हंट" के तहत सामने आया है। भावनगर ग्रामीण पुलिस ने एक बड़े साइबर क्राइम सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए आरोपियों के खिलाफ गुजरात आतंकवाद और संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (GujCTOC) के तहत मामला दर्ज किया है। 

क्या है मामला?

करीब ₹21.37 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन हुए हैं, जिनमें से ₹8.11 करोड़ की धोखाधड़ी की पुष्टि हो चुकी है। आरोपियों ने निर्दोष लोगों को ₹10,000 से ₹20,000 के कमीशन या किराए का लालच देकर उनके नाम पर 134 बैंक खाते खुलवाए थे।

इन खातों की 'किट' (चेकबुक, एटीएम कार्ड और लिंक सिम कार्ड) आरोपी अपने पास रखते थे। ठगी गई रकम इन खातों में जमा होने के बाद इसे आंगड़िया पेढ़ी या क्रिप्टो करेंसी (USDT) के जरिए मिडिल ईस्ट (दुबई) भेज दिया जाता था। इन बैंक खातों से जुड़ी 272 शिकायतें नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज की गई थीं।

अब तक 9 गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिनमें से 9 को गिरफ्तार कर लिया गया है। दशरथ धांधलिया को इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड बताया गया है, जो कथित तौर पर देश छोड़कर भाग गया है।

आर्यन उर्फ लखन जोसेता, शैलेश उर्फ भूरो चौधरी, राहुल गोहेल, शफीन, माहीन, मिहिर सरवैया और अमन ओफथानी जैसे लोग इसमें शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि कुछ निजी बैंक कर्मचारियों ने केवाईसी (KYC) नियमों की अनदेखी कर एक साथ कई खाते खोलने में आरोपियों की मदद की थी। 

राजकोट की विशेष GujCTOC कोर्ट ने गिरफ्तार किए गए 9 आरोपियों को 12 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है ताकि गिरोह के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की जांच की जा सके। गौरतलब है कि साइबर क्राइम के बढ़ते मामले देश की एक बड़ी समस्या है। इसके लिए जनता को भी जागरुक रहने की जरूरत है।