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गुजरात की क्राइम ब्रांच ने दबोचा कई राज्यों में ड्रग कार्टेल चलाने वाला गैंग, पुलिस ने तस्करों को कैसे दिया चकमा? पढ़िए इनसाइड स्टोरी

गुजरात की क्राइम ब्रांच की टीम ने कई राज्यों में ड्रग कॉर्टेल चलाने वाले गैंग के 3 सदस्यों को पकड़ लिया है। उनके पास से 25 करोड़ की Heroine और MD ड्रग बरामद की गई है। 1.5 साल से इस गैंग को ट्रैक किया जा रहा था।

Gujarat Drug Bust- India TV Hindi
Image Source : REPORTERS INPUT गुजरात की क्राइम ब्रांच ने कई राज्यों में ड्रग कॉर्टेल चलाने वाले गैंग को पकड़ा है।

गुजरात में क्राइम ब्रांच ने नशे का कारोबार करने वालों पर बड़ा एक्शन लिया है। अहमदाबाद के एक्सप्रेसवे के टोल बूथ पर सूरत और अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की टीम ने 21 अक्टूबर को एक काले रंग की महिंद्रा XUV को पकड़ा और पहले से जानकारी के आधार पर गाड़ी में से करीब 25 करोड़ की Heroine व MD ड्रग्स बड़ा जत्था बरामद किया। इससे भी बड़ी कामयाबी ये है कि पुलिस के हाथ वो तीन अपराधी लगे, जो सालों से भारत के कई राज्यों में बड़ा ड्रग कार्टेल चला रहे थे।

1.5 साल से ट्रैक किया जा रहा था ये गैंग

ये इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि सूरत क्राइम ब्रांच के DCP भावेश रोजिया और अहमदाबाद के मौजूदा पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत पिछले डेढ़ साल से इस गैंग को ट्रैक कर रहे थे। वो इसलिए क्योंकि गहलोत उस वक्त सूरत के पुलिस कमिश्नर थे और उन्होंने एक ड्रग पेडलर की अरेस्टिंग के एक छोटे से केस में से क्लू को लेकर रोजिया के साथ इस मिशन को प्लान किया था। रोजिया ने उन्हें यकीन दिलाया था कि इस पूरी चेन के टॉप तक पहुंचा जा सकता है।

पुलिस को चकमा देने की कोशिश कर रहे थे तस्कर

भावेश रोजिया के इंटेलिजेंस गैदरिंग नेटवर्क और सॉसेज का लोहा आज गुजरात पुलिस में हर कोई मानता है। लगातार ट्रैकिंग में पता चला कि इन अपराधियों ने खुद गुजरात आना बिल्कुल ही बंद कर दिया है लेकिन थोड़े-थोड़े समय के बाद गुजरात के अपने नेटवर्क को एक्टिव रखने के लिए महिलाओं का उपयोग करके थोड़ी-थोड़ी मात्रा में अपने कॉन्टैक्ट्स को ड्रग्स पहुंचाने लगे ताकि पुलिस की नजरों से बचे भी रहें और ये भी चेक करते रहें कि उनके लिए रास्ता कितना खुला है। इस बीच पता चलता है कि इसी साल बकरीद के समय कफील अहमद अहमदाबाद आता है लेकिन पूरी तरह खाली हाथ। रोजिया और उनकी टीम उसे भनक तक नहीं लगने देते हैं कि उन्हें पता है कि वो खाली रेकी के लिए और उन्हें चकमा देने के लिए अहमदाबाद में कुछ दिन रहकर चला गया है।

क्राइम ब्रांच के सामने नहीं चली तस्करों की चालाकी

इस बीच इसी साल जुलाई में अनुपम सिंह गहलोत का अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर के तौर पर ट्रांसफर हो जाता है, जिससे इस ड्रग कार्टेल को लगता है कि कुछ समय में वो अपना ऑपरेशन बड़े पैमाने पर शुरू कर सकेंगे क्योंकि अक्सर देखा यही गया है कि बड़े अधिकारी के ट्रांसफर के साथ ही उसके प्लान्स भी ठंडे बस्ते में चले जाते हैं। लेकिन गहलोत के मन में कुछ और ही चल रहा था। अहमदाबाद आने के बाद उन्होंने अहमदाबाद क्राइम ब्रांच को भी इस मिशन से जोड़ दिया और फिर सूरत व अहमदाबाद क्राइम ब्रांच में भी सूचनाओं का आदान-प्रदान शुरू हुआ।

अहमदाबाद के टोल बूथ पर दबोचे गए स्मगलर

उधर, पानी शांत देख कफील और उसके साथियों को उसकी गहराई का अंदाजा नहीं लगा। उन्होंने सोचा कि पूरे डेढ़ साल की भरपाई कर लें। फिर करीब 10 दिन पहले भावेश रोजिया को पक्की खबर मिली कि इस बार कफील अपने साथियों के साथ एक बड़ा कंसाइनमेंट लेकर आ रहा है और अहमदाबाद में रुके बिना सीधा आगे निकल जाएगा। इसके लिए अहमदाबाद क्राइम ब्रांच भी तैयार थी। अपराधी इतने शातिर थे कि उन्होंने दिल्ली से अहमदाबाद के बीच 4-5 रूट बदले और अंत में वड़ोदरा जाकर एक्सप्रेसवे से अहमदाबाद के लिए निकले। तब तक पुलिस इनकी गाड़ी को पूरी तरह ट्रेस कर चुकी थी और अहमदाबाद के टोल बूथ पर पहुंचते ही इन्हे धर-दबोचा।

गाड़ी की पिछली सीट में छिपाकर लाए थे ड्रग

ये अपराधी गाड़ी की पिछली सीट में ड्रग्स को ऐसे छिपाकर लाए थे कि उन्हें यकीन था कि नॉर्मल सिचुएशन में पुलिस उन्हें ढूंढ नहीं पाएगी। पुख्ता सूचना के बावजूद सूरत और अहमदाबाद क्राइम ब्रांच भी गच्चा खाने वाले थे। उन्होंने अपने Guts पर यकीन रखा और वो कर दिखाया जो डेढ़ साल पहले असंभव सा दिख रहा था। इससे पहले, जुलाई में भरूच के दाहेज में पुलिस ने 2,153 करोड़ रुपये के ड्रग्स को नष्ट किया था। इस कार्रवाई के लिए 278 पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया था।

गुनहगारों का इतिहास

  • तीफेल  नोखेज (उम्र 44 वर्ष, निवासी: नई दिल्ली): यह पहले भी ड्रग्स तस्करी के बड़े मामलों में शामिल रहा है। इसे 2014 में अमृतसर में 100 ग्राम हेरोइन और 2019 में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल द्वारा 330 किलोग्राम नारकोटिक्स (जिसमें 54 किलो हेरोइन थी) की जब्ती के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।
  • कफील अहमद (उम्र 59 वर्ष, निवासी: नई दिल्ली): इस आरोपी का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा है। इसे अलग-अलग 3 मामलों में कुल 45 साल की जेल की सजा हो चुकी है, जिसमें गुजरात का एक 10 साल की सजा वाला मामला भी शामिल है। इसे पहले जयपुर में 18.5 किलो चरस, अहमदाबाद में 100 ग्राम MD ड्रग्स और राजस्थान में पैरोल पर रहने के दौरान 3 किलो अल्प्राजोलम ड्रग्स के साथ पकड़ा जा चुका है।
  • मोहम्मद इमरान अल्वी (उम्र 38 वर्ष, निवासी: मेरठ, उत्तर प्रदेश): इमरान ड्रग्स छुपाने के तरीके (कंसीलमेंट मेथड) का मास्टरमाइंड है। इसके खिलाफ केवल ड्रग्स ही नहीं, बल्कि छेड़छाड़/उत्पीड़न, मानव तस्करी (Human Trafficking) और धोखाधड़ी (Cheating) जैसे कई गंभीर आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं।

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