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अमेरिका-ईरान में डील के बाद भारत के लिए आई खुशखबरी! Hormuz से होकर गुजरात पहुंचा पहला LNG टैंकर 'दिशा'

अमेरिका और ईरान के बीच डील साइन होने के बाद भारत का पहला LNG टैंकर Strait of Hormuz से गुजर कर गुजरात के पोर्ट पर पहुंच गया है। 'दिशा' नाम का यह कैरियर 62 हजार 370 मीट्रिक टन LNG लेकर दहेज पोर्ट पर सुरक्षित रूप से पहुंचा है।

'दिशा' नाम का LNG टैंकर Hormuz...- India TV Hindi
Image Source : ANI 'दिशा' नाम का LNG टैंकर Hormuz से होकर भारत पहुंच गया है।

Disha LNG Carrier: अमेरिका और ईरान में हालिया शांति समझौते के साइन होने के बाद भारत के लिए एनर्जी सेक्टर से जुड़ी अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल, भारत का पहला Liquefied Natural Gas टैंकर ‘दिशा’ Strait of Hormuz को कामयाबी से पार करते हुए गुजरात में भरूच के दहेज पोर्ट पर सुरक्षित तरीके से पहुंच गया है। माना जा रहा है कि शांति समझौते के बाद Hormuz खुले रहने से भारत समेत दुनियभर की एनर्जी सप्लाई पहले की तरह पूरी हो सकेगी।

भारत के एनर्जी इम्पोर्ट सिस्टम के लिए राहत भरी खबर

जान लें कि ‘दिशा’ नाम का यह LNG कैरियर पश्चिम एशिया से Liquefied Natural Gas लेकर भारत के गुजरात में पहुंचा है। Strait of Hormuz विश्व के सबसे बिजी और संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक है। ग्लोबल ऑयल और गैस सप्लाई का बड़ा भाग इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। ऐसे में Hormuz से LNG टैंकर का सुरक्षित भारत आ जाना देश के एनर्जी इम्पोर्ट सिस्टम के लिए राहत भरी खबर है।

Hormuz में शुरू हुआ एनर्जी सप्लाई और व्यापार का काम

माना जा रहा है कि हालिया दिनों में मध्य-पूर्व में बढ़ी टेंशन की वजह से Strait of Hormuz को लेकर कई प्रकार की आशंकाएं जताई जा रही थीं। हालांकि ‘दिशा’ के कामयाबी से दहेज पोर्ट पर पहुंचने से यह इशारा मिल रहा है कि इलाके में फिर से एनर्जी सप्लाई और समुद्री व्यापार फिलहाल सामान्य होने लगा है।

62 हजार 370 मीट्रिक टन LNG लेकर पहुंचा जहाज

गौरतलब है कि 'दिशा' कैरियर का Hormuz से होकर भारत पहुंचना बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इसने मध्य-पूर्व में बदलते हालात के बीच 62 हजार 370 मीट्रिक टन LNG का कार्गो लेकर Strait of Hormuz को कामयाबी से पार किया है। इससे पहले, गुरुवार को पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय यानी MoPSW के डायरेक्टर ओपेश कुमार शर्मा ने बताया था कि केंद्र सरकार फारस की खाड़ी क्षेत्र से भारतीय जहाजों की सुरक्षित वापसी के लिए अलग-अलग मंत्रालयों और संबंधित पक्षों के साथ मिलकर काम कर रही है।

भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी के लिए प्रयास तेज

ओपेश कुमार शर्मा ने भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने 'डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग' के माध्यम से अब तक 3 हजार 639 से अधिक नाविकों की सुरक्षित वापसी में सहायता की है, जिनमें बीते 72 घंटों में वापस आए 47 सेलर भी शामिल हैं।

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