गुजरात और मध्य प्रदेश मिलकर कैसे समृद्ध बनेंगे? एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में CM मोहन यादव ने सामने रखा ब्लूप्रिंट
इन्वेस्ट मध्य प्रदेश समिट 2027 पर बात करते हुए एमपी के सीएम डॉ. मोहन यादव ने बताया कि हमारी कोशिश है कि गुजरात और मध्य प्रदेश दोनों समृद्धि के साथ आगे बढ़ें।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज (12 अगस्त 2026 को) गुजरात के अहमदाबाद में 'इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्य प्रदेश' मेगा निवेश रोडशो का आयोजन किया। इसका मुख्य उद्देश्य आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS)-2027 के लिए गुजरात के उद्योगपतियों को आमंत्रित करना और राज्य में निवेश आकर्षित करना था। साथ ही, मुख्यमंत्री ने गुजरात के प्रमुख उद्योग समूहों और दिग्गजों के साथ व्यक्तिगत बैठकें कीं। इस दौरान, इंडिया टीवी से एक्सक्लूसिव बातचीत में सीएम डॉ. मोहन यादव ने बताया कि गुजरात के साथ मिलकर एमपी कैसे समृद्ध बनेगा।
इन्वेस्ट मध्य प्रदेश समिट 2027 पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से खास बातचीत
सवाल: आप कहते हैं अगर सुपरफास्ट क्लियरेंस चाहिए, तो एक बार मध्य प्रदेश आकर देखिए। भूमि आवंटन से लेकर तमाम प्रक्रियाओं तक, मध्य प्रदेश ने अपनी व्यवस्था को किस तरह मजबूत किया है?
जवाब: प्रधानमंत्री के नेतृत्व में व्यापार और व्यवसाय को सरल बनाने के लिए जो प्रक्रियाएं अपनाई जानी चाहिए, मध्य प्रदेश ने उन सभी को अपनाया है। यही वजह है कि प्रदेश में लगातार निवेश बढ़ रहा है और व्यापार का विस्तार हो रहा है। हम जो कहते हैं, उसे करके दिखाते हैं।
सवाल: इन्वेस्ट मध्य प्रदेश समिट की शुरुआत को करीब दो दशक हो चुके हैं। शुरुआती दौर में इंफ्रास्ट्रक्चर समेत कई तरह की चुनौतियां थीं। उन तमाम हर्डल्स को पार करते हुए आज मध्य प्रदेश इस मुकाम पर पहुंचा है। अब पीएम मित्र पार्क के जरिए टेक्सटाइल सेक्टर पर भी बड़ा फोकस है। इस पूरे सेक्टर को लेकर आपका विजन और रोडमैप क्या है?
जवाब: हमारा प्रयास है कि मध्य प्रदेश के साथ-साथ गुजरात भी समृद्ध हो और पूरा देश समृद्धि की ओर आगे बढ़े। मध्य प्रदेश भी कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। हम प्रदेश में उन सभी क्षेत्रों पर काम कर रहे हैं, जिनसे लोगों को रोजगार मिले, उद्योगपतियों को काम मिले, देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो और प्रदेश भी समृद्ध हो।
सवाल: अब सनराइज सेक्टर्स की भी लगातार चर्चा हो रही है। खासतौर पर रिन्यूएबल एनर्जी और ग्रीन एनर्जी को लेकर दुनिया में मांग बढ़ रही है। मध्य प्रदेश ने इस क्षेत्र के लिए क्या विजन तैयार किया है और निवेशकों को किस तरह आकर्षित करने की रणनीति है?
जवाब: ग्रीन एनर्जी का यह जमाना है और हरित ऊर्जा की पूरी दुनिया में बड़ी डिमांड है। ऐसे में मध्य प्रदेश इस दिशा में ठोस कदम बढ़ाते हुए तेजी से आगे बढ़ रहा है।
सवाल: 2027 को युवा वर्ष के तौर पर भी देखा जा रहा है। ऐसे में युवाओं से सीधे जुड़े सेक्टर्स, खासकर आईटी और टेक्नोलॉजी में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सरकार का क्या फोकस है?
जवाब: सबसे तेज गति से उद्योगों में निवेश बढ़ने के कारण मध्य प्रदेश में बेरोजगारी की दर बहुत कम है। हमारा प्रयास है कि उद्योगों को स्किल्ड युवा मिलें और युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर मिलें। युवाओं के साथ-साथ महिलाओं, किसानों और गरीबों समेत सभी वर्गों के कल्याण के लिए हम बहुत तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं। युवा वर्ष भी इसी भावना के अनुरूप है, जब युवाओं को रोजगार मिलेगा।
सवाल: आप गुजरात आए हैं। यही वो जगह है, जहां से वाइब्रेंट गुजरात के जरिए निवेश को आकर्षित करने का एक बड़ा मॉडल सामने आया था। उस अनुभव से आप क्या लेकर जा रहे हैं। मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच किस तरह के संबंधों को आगे बढ़ाना चाहते हैं?
जवाब: प्रधानमंत्री सभी राज्यों को प्रेरित करते हैं। ऐसे में हमारा प्रयास है कि मध्य प्रदेश के साथ गुजरात और गुजरात के साथ मध्य प्रदेश, दोनों समृद्धि के साथ आगे बढ़ें। दोनों राज्यों के बीच परस्पर सौहार्दपूर्ण संबंध हैं। हम चाहते हैं कि गुजरात के उद्योगपति मध्य प्रदेश में भी व्यापार करें और मध्य प्रदेश के उद्योगपति गुजरात में भी व्यापार करें।
इससे पहले हाल ही में CM डॉ. मोहन यादव 7वें अंतर्राष्ट्रीय नवकरणीय ऊर्जा सम्मेलन में शामिल हुए थे और उसमें एमपी की उपलब्धियां गिनाई थीं।
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