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वडोदरा पुल हादसा: अब रासायनिक टैंकर से नुकसान का डर, गुरुवार को 2 और शव मिले, 17 पहुंचा मृतकों का आंकड़ा

महिसागर नदी से गुरुवार को दो और शव बरामद किए गए। इसके साथ ही इस हादसे में जान गंवाने वालों का आंकड़ा बढ़कर 17 पहुंच गया। वहीं, पुल से लटका रासायनिक टैंकर अभी भी बड़ा खतरा बना हुआ है।

vadodra bridge accident- India TV Hindi
Image Source : PTI पुल में लटका टैंकर

गुजरात के वडोदरा में पुल हादसे के बाद रासायनिक टैंकर बड़ा खतरा बना हुआ है। यह टैंकर टूटे हुए पुल पर आधा लटका हुआ है और कभी भी नीचे गिर सकता है। ऐसे में प्रशासन के सामने इस टैंकर को सुरक्षित बाहर निकालने की चुनौती है। यह टैंकर नीचे गिरने पर नदी का पानी दूषित हो सकता है। इससे नदी में रहने वाले जीव मर सकते हैं और नदी का पानी इस्तेमाल करने वाले लोगों को भी परेशानी हो सकती है।

बुधवार सुबह गुजरात के वडोदरा जिले में महिसागर नदी पर बना पुल ढह गया था। पादरा कस्बे के निकट गंभीरा गांव के पास चार दशक पुराने पुल का एक हिस्सा ढह जाने से कई वाहन महिसागर नदी में गिर गए। यह पुल आणंद और वडोदरा जिलों को जोड़ता है। कुल दो ट्रक, दो कार और एक रिक्शा नदी में गिरे थे। हादसे के बाद कई लोगों को सुरक्षित बचाया गया। हालांकि, 17 लोगों की मौत हो गई। वहीं, अधिकारियों के अनुसार कम से कम एक व्यक्ति अभी भी लापता है।

जांच टीम मौके पर पहुंची

पुल ढहने की घटना के दूसरे दिन सड़क एवं भवन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय टीम जांच के लिए पहुंची। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस घटना के उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। जांच समिति में मुख्य अभियंता सी.पी पटेल और एन. के. पटेल, अधीक्षण अभियंता के. एम. पटेल, एम. बी. देसाई और एन. वी. राठवा भी शामिल हैं। वहीं, एनडीआरएफ सहित बचाव दलों का तलाशी अभियान गुरुवार सुबह भी जारी रहा। कलेक्टर अनिल धमेलिया सहित अधिकारी सुबह-सुबह घटनास्थल पर पहुंचे और अभियान का निरीक्षण किया। राजस्व और पुलिस की टीमें रात भर मौके पर रहीं। गुरुवार सुबह दो और शव मिलने के साथ हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या 17 पहुंच गई। दोनों शव पादरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजे गए हैं।

रसायनिक टैंकर से नुकसान का डर

अभियान के दौरान, डूबे हुए लोगों और वाहनों की तलाश के अलावा, यह सुनिश्चित करना भी प्राथमिकता है कि रासायनिक टैंकर से कोई नुकसान न हो। गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने गुरुवार सुबह घटनास्थल का दौरा किया। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि यदि आवश्यक हो तो ढहे हुए हिस्से को गिराने की कार्रवाई की जाए। यदि रासायनिक टैंकर नदी में गिरता है, तो इससे गंभीर पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी खतरे हो सकते हैं। रासायनिक रिसाव से पानी और मिट्टी दूषित हो सकती है, जिससे मनुष्यों और जानवरों के लिए खतरा पैदा हो सकता है। 

(वडोदरा से सत्यम की रिपोर्ट)

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