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वलसाड: भेसु खाड़ी में बही कार, बाल-बाल बची पिता की जान, मां-बेटी लापता

गुजरात में बुधवार से ही भारी बारिश हो रही है। कई जगहों पर जल जमाव हो चुका है और नदियां उफान पर हैं। गुरुवार को भी यहां भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

NDRF team- India TV Hindi
Image Source : PTI राहत एवं बचाव कार्य में लगी एनडीआरएफ टीम

गुजरात में बुधवार से जारी बारिश के चलते आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है। बुधवार रात एक परिवार कार सहित नदी में बह गया। हालांकि, बाद में परिवार के मुखिया को रेस्क्यू कर लिया गया, लेकिन उसकी बेटी और पत्नी अभी भी लापता हैं। घटना वलसाड जिले के पारडी की है। यहां तरमलिया और खुटेज बीच भेसु खाड़ी में कार बह गई। शिक्षक महेशभाई पटेल, उनकी पत्नी तनाशा पटेल और बच्ची यशवी पटेल कार में सवार थे।

नदी में कार बहने की सूचना मिलने पर स्थानीय लोग मदद के लिए पहुंचे, लेकिन उन्हें कोई कार नहीं नजर आई। ऐसे में उन्होंने महेशभाई की आवाज सुनी और उनकी मदद की। महेशभाई की पत्नी और बेटी अभी भी लापता हैं। उनकी तलाश में रेस्क्यू टीम सर्च ऑपरेशन चला रही है। 

मां-बेटी को तलाश रही NDRF

चंद्रपुर के स्थानीय लोग ही ज्यादातर रेस्क्यू में मदद करते है। उन्होंने ही रेस्क्यू की शुरुआत की, जिससे शिक्षक महेशभाई को बचाने में कामयाबी मिली। कार में सवार महेशभाई को बचा लिया गया, लेकिन पत्नी तनाशा पटेल और 8 साल की बची यशवी पटेल कार के साथ बह गई और उसका रेस्क्यू अभी भी चल रहा है। कार चालक को बचाने में मदद करने वाले एक स्थानीय व्यक्ति, प्रवीण भाई ने कहा, "शाम 7.30 बजे हमें सूचना मिली कि एक आदमी की कार यहां पानी में डूब रही है। हम तुरंत यहां आए। हमने ढूंढा, लेकिन कोई नहीं मिला। फिर हमें उस आदमी की आवाज सुनाई दी, जो हमें पुकार रहा था। हमने उसे बचा लिया।"

गुजरात के कुछ हिस्सों में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात 

गुजरात के कई तटीय जिलों में बुधवार को भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए और निचले इलाकों से कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। जूनागढ़ के मेंदर्दा तालुका में 12 घंटे में 331 मिमी बारिश दर्ज की गई। आईएमडी ने अगले दो दिनों में और बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है। एसईओसी के अनुसार, मेंदार्दा तालुका में बुधवार शाम छह बजे खत्म हुए 12 घंटों में 331 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि केशोद तालुका में इसी अवधि में 280 मिमी बारिश हुई। बारिश के कारण कई नदियां उफना गईं, जिससे आस-पास के गांवों के निचले इलाकों में बाढ़ आ गई। पोरबंदर जिले के बोरासर गांव में बाढ़ के कारण एक स्कूल के 46 बच्चे और चार शिक्षक फंस गए। जूनागढ़ जिले के तीन तालुका भारी बारिश से विशेष रूप से प्रभावित हुए हैं, बांध के उफान पर होने के कारण 52 निचले गांवों को अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने बताया कि मनावदर गांव में बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई।

(वलसाड से जितेंद्र पाटिल की रिपोर्ट)