गुजरात में सूरत के सरकारी सिविल अस्पताल में ओडिशा के 36 वर्षीय मिथुन स्वाइन के दो गुर्दे, लिवर और हृदय का दान कर चार मरीजों को नया जीवन देने का अवसर मिला। ओडिशा के गंजाम जिले के सिद्धपुर कलाखड़ी गांव निवासी मिथुन स्वाइन सूरत के किम क्षेत्र में रहकर लूम फेक्टरी में कार्यरत थे। 28 जुलाई को अचानक उनकी तबियत बिगड़ गई। घर में बैठे बैठे उनके चेहरे का एक हिस्सा टेढ़ा हो गया और बायां हाथ तथा पैर काम करना बंद कर दिया। उन्हें पहले निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए न्यू सिविल अस्पताल रेफर किया गया।
सिविल अस्पताल के आईसीयू में भी उनकी हालत बिगड़ने लगी। 30 जुलाई को डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया।
इसके बाद अंगदान चेरिटेबल ट्रस्ट के स्वयंसेवकों ने परिजनों को अंगदान का महत्व समझाया। पत्नी, भाई और परिवारजनों ने समाज के लिए प्रेरणादायक निर्णय लेते हुए अंगदान की सहमति प्रदान की। अंगदान प्रक्रिया के तहत दोनों किडनी और लिवर को अहमदाबाद स्थित आईकेडीआरसी भेजा गया, जबकि हृदय को यू एन मेहता हॉस्पिटल अहमदाबाद पहुंचाया गया।
बारिश के बावजूद नहीं रुका ट्रांसपलांट
मौसम विभाग के रेड एलर्ट के कारण हो रही बारिश ने सूरत की हवाई सेवाओं को भी प्रभावित किया है। लगातार हो रही बारिश ने अस्पताल प्रशासन ने हृदय को रेल मार्ग से अहमदाबाद भेजने का निर्णय लिया जो देश में पहली बार हो रहा था। अस्पताल प्रशासन ने रेलवे प्रशासन से चर्चा करने के बाद मिथुन स्वाइन का दिल सुरक्षित सिर्फ़ दो घंटे में अहमदाबाद पहुंचने का तय कर लिया। क्योंकि हृदय 4 घंटे से पहले दूसरे मरीज में ट्रांसप्लांट होना जरूरी था। देश में पहली बार इस प्रकार का हृदय परिवहन संभव हुआ।
देश में पहला ऐसा मामला
रेल प्रशासन, चिकित्सकों की मेहनत भी रंग लाई और सिर्फ ढाई घंटे में हृदय अहमदाबाद पहुंच गया ओर दूसरे मरीज में सफलता पूर्वक ट्रांसप्लांट भी हो गया। देश में पहली बार वंदे भारत ट्रेन से हृदय का परिवहन सफलता पूर्वक हुआ।
(सूरत से शैलेष चांपानेरिया की रिपोर्ट)
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