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करनाल: बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश, 2.5 किलो RDX बरामद, एसटीएफ ने 2 ग्रेनेड और IED डिफ्यूज किए

करनाल से बरामद किया गया विस्फोटक नोनी राणा के निर्देश पर पंजाब से लाया गया था। पुलिस ने 2.5 किलोग्राम आरडीएक्स के साथ दो ग्रेनेड और आईईडी डिफ्यूज किए हैं।

Accused in police- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

करनाल एसटीएफ की सतर्कता से एक बड़ी वारदात टल गई। इंद्री के पास गिरफ्तार किए गए कुख्यात बदमाश अमर सिंह ने कबूल किया कि उसने झिंझाड़ी के पास झाड़ियों में दो हैंड ग्रेनेड और एक आईईडी छुपा रखी थी। तुरंत फोरेंसिक, बम निरोधक दस्ता और एसटीएफ की टीम मौके पर पहुंची और सभी विस्फोटकों को सुरक्षित रूप से डिफ्यूज किया गया। अमर सिंह पर हत्या, डकैती समेत 10 संगीन मामले दर्ज हैं और वह लॉरेंस व काला राणा गैंग से जुड़ा बताया जा रहा है। एसटीएफ का कहना है कि जिस तरह की सामग्री मिली है, उससे किसी बड़ी घटना की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।

नोनी राणा के गिरते ही रुक गई साजिश

गैंगस्टर अमर सिंह ने खुलासा किया है कि यह पूरा विस्फोटक नोनी राणा के आदेश पर पंजाब से उठाया गया था। लेकिन नोनी राणा की गिरफ्तारी के कारण अमर सिंह तक अगले निर्देश नहीं पहुंच सके और विस्फोटक बेकार पड़ा रह गया। रिमांड के दौरान आरोपी ने छिपाने की जगह बताई, जिसके बाद बम निरोधक दस्ते ने हैंड ग्रेनेड और IED बरामद कर डिफ्यूज किए। IED में डेटोनेटर, टाइमर और डेढ़ किलो आरडीएक्स लगा हुआ था।

गैंगवार से आतंक की ओर बढ़ता नेटवर्क

एसटीएफ की जांच में यह बात भी सामने आई कि अमर सिंह जेल में ही मोनू राणा और बाद में नोनी राणा के संपर्क में आया। यूएसए बैठे नेटवर्क से लगातार निर्देश मिलते रहे और अमर सिंह हथियार व विस्फोटक की सप्लाई चेन का हिस्सा बन गया। अमर मेरठ का रहने वाला है और उसके खिलाफ डबल मर्डर, किडनैपिंग और रॉबरी जैसे 10 मामलों में कार्रवाई चल रही है।

घटनाओं का क्रम

25 नवंबर को एसटीएफ ने इंद्री-करनाल रोड से अमर सिंह को अवैध विदेशी हथियारों के साथ गिरफ्तार किया। कोर्ट ने छह दिन का रिमांड दिया। रिमांड में आरोपी ने बताया कि नेशनल हाईवे के पास झाड़ियों में उसने दो ग्रेनेड और एक IED दबाई है। टीम ने मौके पर पहुंचकर विस्फोटक बरामद किए और वहीं पर सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज भी किया। IED में टाइमर और डेढ़ किलो आरडीएक्स लगा हुआ था, जो किसी बड़े हादसे की तैयारी का संकेत देता है।

कहां से आया विस्फोटक?

एसटीएफ की मानें तो आरोपी अभी सही लोकेशन और सप्लायर के नामों को स्पष्ट नहीं बता पा रहा। यह भी जांच का विषय है कि यह सामग्री किसे और कहां पहुंचाई जानी थी। नोनी राणा की गिरफ्तारी के कारण नेटवर्क टूट गया और यही वजह रही कि अगला प्लान क्रियान्वित नहीं हो सका। आरोपी को इस काम के बदले 20–25 हजार रुपये मिले होने की बात भी सामने आई है।

(करनाल से अमित भटनागर की रिपोर्ट)

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