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हरियाणा: पेड़ पर काली थैली में लटका मिला नवजात बच्चा, गंभीर हालत में रोहतक PGI रेफर

हरियाणा के भिवानी में एक पेड़ पर काली थैली में नवजात बच्चा लटका मिला। इस मामले के सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

Bhiwani- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT एक पेड़ पर काली थैली में नवजात बच्चा लटका मिला

भिवानी: हरियाणा के भिवानी में एक पेड़ पर काली थैली में लटका हुआ नवजात बच्चा मिलने से हड़कंप मच गया। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर लोगों ने पुलिस बुलाई, जिसके बाद बच्चे को हॉस्पिटल ले जाया गया।

क्या है पूरा मामला?

भिवानी में बिजली बोर्ड कॉलोनी में एक नवजात बच्चा पेड़ पर काली थैली में लटका हुआ मिला। सैर पर जा रहे लोगों ने बच्चे के रोने की आवाज सुनी, जिसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नवजात को नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया। बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया है।

दरअसल पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात को तुरंत नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन जब डॉक्टरों की टीम ने बच्चे की जांच की, तो उसकी हालत गंभीर पाई गई। सिविल सर्जन के अनुसार बच्चे का वजन करीब 1200 ग्राम है और उसे रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस यानी सांस लेने में परेशानी की समस्या है।

नवजात को रोहतक पीजीआई भेजा गया

डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चा संभवतः सात से आठ महीने का हो सकता है, हालांकि उसकी सही उम्र की पुष्टि चिकित्सकीय जांच के बाद ही होगी। बच्चे की हालत को देखते हुए उसे बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए रोहतक पीजीआई रेफर किया गया।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार मामले में जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी कर MLR दर्ज की गई है और महिला एवं बाल विकास विभाग यानी WCD को भी सूचना दी गई है। इसके बाद एंबुलेंस और मेडिकल टीम की सहायता से नवजात को रोहतक पीजीआई भेजा गया।

इससे पहले हरियाणा के हिसार जिले में ऐसा ही मामला सामने आया था। यहां एक नवजात शिशु झाड़ियों में पड़ा मिला था, जिसे फौरन हॉस्पिटल ले जाया गया था और फिर बाल कल्याण विभाग और अग्रोहा मेडिकल की टीम की देखरेख के बाद इस बच्ची को एक परिवार को गोद दिया गया था। 

बता दें कि तमाम मौकों पर हरियाणा समेत देशभर से इस तरह की खबरें सामने आती हैं, जहां लोग नवजात को कहीं भी छोड़कर चले जाते हैं। समाज के डर और लड़कियों के लिए हीन भावना ऐसे मामलों में अक्सर हावी दिखती है। ऐसे मामलों में सकारात्मक सोच और जागरुकता फैलाने की जरूरत है। (रिपोर्ट- रोहतक से सुनील कुमार)

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