1. Hindi News
  2. हरियाणा
  3. VIDEO: पैदा होते मां-बाप ने झाड़ियों में फेंका, रोती नवजात बच्ची को देख पसीजा सतीश डूडी का दिल, नाम रखा- किस्मत

VIDEO: पैदा होते मां-बाप ने झाड़ियों में फेंका, रोती नवजात बच्ची को देख पसीजा सतीश डूडी का दिल, नाम रखा- किस्मत

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : May 15, 2025 01:58 pm IST,  Updated : May 15, 2025 02:34 pm IST

पडगी संभाल जट्टा किसान यूनियन के बलाक समिति सदस्य सतीश डूडी ने झाड़ियों में फेंकी गई नवजात बच्ची को गोद लिया है। बच्ची के आने से घर में खुशियों का माहौल है।

सतीश डूडी ने नवजात बच्ची को अपनाया, घर में खुशियों का माहौल- India TV Hindi
सतीश डूडी ने नवजात बच्ची को अपनाया, घर में खुशियों का माहौल

हरियाणा के हिसार जिले के अग्रोहा के कूलेरी गांव के पडगी संभाल जट्टा किसान यूनियन के बलाक समिति सदस्य सतीश डूडी ने इंसानियत की एक अनूठी मिसाल पेश करते हुए एक नवजात बेटी को गोद लेकर अहम भूमिका अदा की है। सतीश डूडी के घर-परिवार में इस समय 10 बुआ, 2 बहनें और एक भतीजी हैं, जो महिलाओं से भरा-पूरा परिवार है। इस परिवार में एक और बेटी के आने से खुशियों का माहौल है।

बच्ची के आने पर हुआ हवन यज्ञ

जानकारी के अनुसार, हिसार के एक परिवार ने अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में इस बच्ची को जन्म देने के बाद उसे झाड़ियों में फेंक दिया था। बाद में नवजात बालिका को अग्रोहा मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जब युवा किसान नेता सतीश डूडी को इस बारे में पता चला, तो उन्होंने बच्ची को गोद लेने का फैसला किया। बच्ची को घर लाकर परिजन ने हवन यज्ञ करवाया। उस बच्ची को लक्ष्मी मानकर उसके पैरों के निशान लगवाए। घर में बच्ची के आने से पूरे परिवार के लोग खुश हैं।

पिता बन सतीश ने नाम रखा- किस्मत

सतीश ने बेटी को 'किस्मत' नाम दिया है। सतीश अपनी बेटी को पाल-पोसकर और पढ़ा-लिखाकर उसे कामयाबी की मंजिल तक पहुंचाना चाहते हैं। समिति के प्रधान केडी अग्रोहा ने कहा कि उन्होंने यह पहल कर समाज को नई दिशा देने का काम किया है। बाल संरक्षण अधिकारी सुनीता यादव ने कहा कि बच्ची को नियमानुसार गोद लिया गया है।

नवजात बच्ची को 5 मई को झाड़ियों में देखा गया

सतीश डूडी ने बताया कि उनकी कमेटी के सदस्य बजरंग जाखड़ ने 5 मई को नवजात शिशु को झाड़ियों में देखा था और उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया था। बाल कल्याण विभाग और अग्रोहा मेडिकल की टीम की देखरेख के बाद इस बच्ची को उन्हें गोद दिया गया। सतीश ने यह भी बताया कि बच्ची को गोद लेने के लिए 60-70 परिवार आगे आए थे, लेकिन यह उनकी किस्मत थी कि उन्हें यह बेटी मिली। उन्होंने कहा कि बच्ची को रोता देखकर उनके मन में इंसानियत जाग गई और उन्होंने उसे अपना लिया। उनके परिवार में एक 12 साल का बेटा बीरेंद्र है, जो 7वीं कक्षा में पढ़ती है।

पडगी संभाल जट्टा किसान यूनियन के प्रधान केडी अग्रोहा ने सतीश डूडी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने समाज को एक नई दिशा देने का काम किया है। वहीं, बाल संरक्षण अधिकारी सुनीता यादव ने बताया कि बच्ची को नियमानुसार गोद दिया गया है।

पुलिस की जांच में पता चला कि बच्ची को त्यागने वाले दंपति हिसार के रहने वाले थे और उनके पहले से दो बेटियां और दो बेटे थे। जन्म के बाद मां ने बच्ची को झाड़ियों में फेंक दिया था। हालांकि, बच्ची के रोने की आवाज सुनकर सतीश डूडी ने उसे अपनाकर एक नया जीवन दिया है। इस मानवीय कार्य की हर तरफ प्रशंसा हो रही है।

(रिपोर्ट- प्रवीण कुमार)

ये भी पढ़ें-

VIDEO: लखनऊ के किसान पथ पर डबल डेकर बस में लगी भीषण आग, 5 यात्रियों की जलकर मौत

"कांग्रेस" के 10वीं कक्षा में फेल होने पर लोगों ने बनाया मजाक, सोशल मीडिया पर खूब हो रही चर्चा

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। हरियाणा से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।