1. Hindi News
  2. धर्म
  3. जया पार्वती व्रत में जरूर पढ़ें ये कथा, हर मनोकामना होगी पूर्ण, शिव-पार्वती की बरसेगी विशेष कृपा

जया पार्वती व्रत में जरूर पढ़ें ये कथा, हर मनोकामना होगी पूर्ण, शिव-पार्वती की बरसेगी विशेष कृपा

 Written By: Laveena Sharma
 Published : Jul 27, 2026 07:05 am IST,  Updated : Jul 27, 2026 07:07 am IST

जया पार्वती व्रत में पूजा के समय इस पावन कथा को पढ़ना या सुनना बेहद जरूरी माना जाता है। कहते हैं इस कथा को सुनने मात्र से ही भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

jaya parvati katha- India TV Hindi
जया पार्वती कथा Image Source : INDIA TV

जया पार्वती व्रत की आज से यानी 27 जुलाई 2026 से शुरुआत हो गई है। ये व्रत पूरे 5 दिनों तक रखा जाता है। पंचांग अनुसार जया पार्वती व्रत की शुरुआत आषाढ़ शुक्ल त्रयोदशी से होती है और समापन श्रावण माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि पर होता है। इस साल ये व्रत 27 जुलाई से 1 अगस्त तक रखा जाएगा। धर्म शास्त्रों अनुसार, ये व्रत महिलाएं अपने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि, अखंड सौभाग्य की प्राप्ति या किसी विशेष मनोकामना की पूर्ति के लिए रखती हैं। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। साथ ही इस व्रत में कथा जरूर सुनी जाती है। चलिए जानते हैं जया पार्वती की पावन कथा के बारे में विस्तार के यहां।

जया पार्वती व्रत कथा

जया पार्वती व्रत कथा अनुसार, कौडिन्य नामक नगर में ब्राह्मण वामन अपनी पत्नी सत्या के साथ रहा करता था। उनके घर में हर सुख-सुविधा थी, लेकिन उनकी कोई संतान नहीं थी। जिस वजह से दोनों पति-पत्नी दुखी रहा करते थे। एक दिन नारद जी उनके घर पर आए। दोनों ने उनका खूब सेवा-सत्कार किया और अपनी समस्या का समाधान भी पूछा। नारद जी ने कहा कि तुम्हारे नगर के बाहर जो वन है, उसके दक्षिणी भाग में बिल्व पेड़ के नीचे भगवान शिव माता पार्वती के साथ लिंग रूप में विराजित हैं। अगर तुम दोनों उनकी श्रद्धा पूर्वक पूजा करोगे तो इससे तुम्हारी मनोकामना अवश्य पूरी होगी।

ब्राह्मण दंपत्ति ने उस शिवलिंग को ढूंढ़कर उसकी विधि-विधान पूजा-अर्चना करनी शुरू कर दी। इस प्रकार 5 वर्षों तक वह दोनों नियमित रूप से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करते रहे। एक दिन जब ब्राह्मण पूजा के लिए फूल तोड़ रहा था कि तभी उसे किसी सांप ने काट लिया। जिससे उसकी मृत्यु हो गई। ब्राह्मण जब घर नहीं लौटा तो उसकी पत्नी चिंतित होने लगी और उसे ढूंढते हुए वन में पहुंच गई। अपने पति को मृत देखकर सत्या विलाप करने लगी और माता पार्वती का स्मरण करने लगी। ब्राह्मणी की दुख से भरी पुकार सुनकर, माता पार्वती प्रकट हुईं और उन्होंने ब्राह्मणी के मुख में अमृत डाल दिया, जिससे उसका पति पुनः जीवित हो गया। यह देखकर ब्राह्मणी अत्यंत प्रसन्न हुई और ब्राह्मण दंपत्ति ने माता पार्वती का विधि-विधान पूजन किया।

माता पार्वती ने उनकी पूजा से प्रसन्न होकर उन्हें मनचाहा वर मांगने के लिए कहा। तब दोनों ने माता से संतान प्राप्ति का वरदान मांगा। माता पार्वती ने दंपत्ति से कहा कि, तुम दोनों जया पार्वती का व्रत करो, इससे तुम्हारी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी। माता के कहे अनुसार उन दोनों ने विधिपूर्वक जया पार्वती का व्रत किया। इस व्रत के फलस्वरूप उन्हें पुत्र की प्राप्ति हुई और उनका जीवन सुख से भर गया। इस कथा के अनुसार,  जो भी स्त्री इस व्रत को सच्चे मन से रखती है उसे अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होने के साथ-साथ उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

यह भी पढ़ें:

करियर और आर्थिक क्षेत्र में मिल सकते हैं शुभ परिणाम, बस सोमवार को कर लें 5 आसान उपाय

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। धर्म से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।