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पंचकूला नगर निगम के 160 करोड़ का गबन, कोटक महिंद्रा बैंक के अधिकारियों पर लगे गंभीर आरोप; जानिए फर्जी FD का पूरा मामला

Kotak Mahindra Bank Fake FD Case: पंचकूला नगर निगम के 160 करोड़ रुपये के गबन का मामला उजागर हुआ है, जिसका आरोप कोटक महिंद्रा बैंक के अधिकारियों पर लगा है। इस आर्टिकल में घोटाले के बारे में विस्तार से जानिए।

Kotak Mahindra Bank Fake FD Case- India TV Hindi
Image Source : PIXABAY (प्रतीकात्मक फोटो) पंचकुला नगर निगम के 160 करोड़ रुपये के गबन का आरोप कोटक महिंद्रा बैंक पर लगा है।

Kotak Mahindra Bank Scam: हरियाणा सरकार के पैसे का एक और प्राइवेट बैंक में गबन का मामला सामने आया है। पंचकूला नगर निगम के 160 करोड़ रुपये के FD गबन का आरोप कोटक महिंद्रा बैंक के अधिकारियों पर लगा है। आरोप है कि फर्जी खाते खोलकर ये राशि ट्रांसफर की गई। 58 करोड़ की FD की मैच्योरिटी पर खुलासा हुआ कि सभी FD जाली थी।

फर्जी खातों में ट्रांसफर किया गया नगर निगम का पैसा

पंचकूला नगर निगम ने बैंक के खिलाफ FIR दर्ज करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और हरियाणा सरकार को बैंक को डी-इंपैनल करने के लिए पत्र भी लिखा है।  कोटक महिंद्रा बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों पर पंचकूला नगर निगम के 160 करोड़ रुपये के गबन का आरोप लगा है। आरोप है कि फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के नाम पर जमा कराई गई ये राशि फर्जी खातों में ट्रांसफर कर दी गई और निगम को केवल कागजी रिकॉर्ड थमाए जाते रहे।

स्टेटमेंट में राशि ट्रांसफर दिखाने का फर्जीवाड़ा

मामले का खुलासा तब हुआ जब पंचकूला नगर निगम ने 58 करोड़ रुपये की एक FD की मैच्योरिटी राशि अपने खाते में ट्रांसफर करने को कहा। बैंक की तरफ से दिए गए स्टेटमेंट में राशि ट्रांसफर दिखाई गई, लेकिन वास्तविक खाते में पैसा नहीं पहुंचा। जांच में पता चला कि स्टेटमेंट भी फर्जी था और रकम गायब है।

बैंक की तरफ से दी गईं FD निकलीं जाली

इसके बाद जब नगर निगम ने अन्य FD को भी मैच्योर कर खाते में ट्रांसफर करने को कहा तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि बैंक की तरफ से दी गई सभी FD जाली थीं और खाते में कोई राशि मौजूद नहीं थी। आरोप है कि बैंक कर्मचारियों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए लंबे समय तक इस गबन को छुपाए रखा। मामले में बैंक कर्मचारियों के साथ ही नगर निगम के कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों की संलिप्तता की भी आशंका है।

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