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पराठों के स्वाद के लिए मशहूर मुरथल के ढाबों पर नगर निगम की पैनी नजर, 100 होटल व ढाबा मालिकों को नोटिस जारी

देशभर में पराठों के स्वाद के लिए मशहूर मुरथल के ढाबों पर नगर निगम की पैनी नजर है। नियमों की अनदेखी करने पर ढाबा संचालकों पर निगम कार्रवाई करेगा। नियमों का पालन करवाने के लिए करीब 100 ढाबों को नोटिस जारी किए हैं।

मुरथल के ढाबों के बाहर की तस्वीर- India TV Hindi
Image Source : REPORTER मुरथल के ढाबों के बाहर की तस्वीर

सोनीपतः देशभर में अपने पराठों के स्वाद के लिए मशहूर मुरथल के ढाबे अब नगर निगम के निशाने पर हैं। ढाबों से निकलने वाले वेस्टेज को खुले में डालने और गंदा पानी खुले में छोड़ने वालों पर निगम सख्ती करने जा रहा है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2026 के तहत करीब 100 होटल-ढाबों की पहचान कर नोटिस जारी किए गए हैं। नियमों की अनदेखी करने वालों पर जुर्माना लगाने की भी तैयारी है। वहीं, मुरथल में एसटीपी की क्षमता बढ़ाने की योजना बनाई गई है, जिससे नेशनल हाईवे 44 पर गंदा पानी भरने की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।  

दरअसल हरियाणा में मुरथल के ढाबों से हर दिन बड़ी मात्रा में वेस्टेज निकलता है। ऐसे में वेस्टेज को खुले में डालने और गंदे पानी को खुले में छोड़ने पर रोक लगाने के लिए नगर निगम ने सख्ती शुरू कर दी है। निगम ने बड़ी मात्रा में वेस्टेज बाहर निकालने वाले करीब 100 होटल व ढाबों की पहचान की है। इन संचालकों को नियमों का पालन करने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। 

खुले में वेस्टेज डालने वालों पर जुर्माना लगाने की तैयारी

निगम की ओर से साफ किया जा रहा है कि वेस्टेज को खुले में डालने और गंदा पानी बाहर छोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इसके साथ ही खुले में वेस्टेज डालने वालों पर जुर्माना लगाने की भी तैयारी है। यानी अब ढाबा संचालकों को वेस्टेज और गंदे पानी को लेकर तय नियमों का पालन करना होगा। वहीं, मुरथल के ढाबों से निकलने वाले गंदे पानी के लिए एसटीपी की क्षमता बढ़ाने की योजना है। फिलहाल एसटीपी की क्षमता 3 एमएलडी है, जिसे बढ़ाकर 7.5 एमएलडी करने की तैयारी है। 

दरअसल, एसटीपी का पानी कई बार नेशनल हाईवे-44 पर भर जाता है, जिससे वाहन चालकों को परेशानी होती है और सड़क हादसों की आशंका भी बनी रहती है। हाईवे पर भरे पानी की वजह से पहले भी कई बार सड़क हादसे हो चुके हैं। ऐसे में एसटीपी की क्षमता बढ़ने से गंदे पानी की निकासी और ट्रीटमेंट की व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। इससे हाईवे पर जलभराव की समस्या कम होने के साथ ही वाहन चालकों को राहत मिलेगी और सड़क हादसों का खतरा भी कम हो सकेगा।

नगर निगम कमिश्नर ने दी ये जानकारी

वहीं, सोनीपत नगर निगम कमिश्नर हर्षित कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि मुरथल में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट  नियम 2026 के तहत बड़ी मात्रा में वेस्टेज बाहर निकालने वाले करीब 100 होटल व ढाबों की पहचान कर नोटिस जारी किए गए हैं। नियमों का पालन करवाने के लिए संबंधित ढाबा संचालकों को नोटिस जारी किए जा रहे है। खुले में कचरा डालने वालों पर जुर्माना लगाने की तैयारी है। निगम का उद्देश्य ढाबों से निकलने वाले कचरे पर नियंत्रण करना और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाना है।

रिपोर्टः सन्नी मलिक

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