1. Hindi News
  2. हरियाणा
  3. अंबाला में 3 मंजिला निर्माणाधीन बिल्डिंग गिरने से बड़ा हादसा, 4 की मौत; 14 मजदूर बाहर निकाले गए

अंबाला में 3 मंजिला निर्माणाधीन बिल्डिंग गिरने से बड़ा हादसा, 4 की मौत; 14 मजदूर बाहर निकाले गए

अंबाला शहर के धूलकोट गांव में 3 मंजिला निर्माणाधीन बिल्डिंग गिरी गई है। हादसे में कई मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है।

अंबाला में गिरी निर्माणाधीन बिल्डिंग- India TV Hindi
Image Source : ANI अंबाला में गिरी निर्माणाधीन बिल्डिंग

अंबाला शहर के धूलकोट में निर्माणाधीन तीन मंजिला बिल्डिंग गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में 12 मजदूर मलबे के नीचे दबने से घायल हो गए, जबकि 4 मजदूरों की मौत हो गई। मौके पर NDRF और SDRF की टीमें रेस्क्यू में जुटी हैं। अंबाला की CMO रेनू पांजनी ने बताया कि अंबाला के धूलकोट में एक निर्माणाधीन तिमंजिला इमारत अचानक भरभरा कर गिर गई। हादसे में 12 मजदूर मलबे के नीचे दब गए। घायलों को तुरंत अंबाला शहर के नागरिक अस्पताल लाया गया, जहां 7 मजदूरों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया, जबकि 5 घायलों का अभी अस्पताल में इलाज चल रहा है।

वहीं 4 मजदूरों को ब्रॉट डेड लाया गया, जिनके शवों को पोस्टमार्टम रूम में शिफ्ट कर दिया गया है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि उनकी पूरी टीम अलर्ट पर है और यदि कोई और घायल आता है तो उसका तुरंत इलाज किया जाएगा।

चार लोगों की मरने की पुष्टि

सूचना मिलते ही अंबाला के पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत मौके पर पहुंचे और हादसे का जायजा लिया। मीडिया से बातचीत में एसपी ने बताया कि इस हादसे में 4 लोगों की मौत हो चुकी है और 13 से 14 मजदूरों को मलबे से सुरक्षित निकाला जा चुका है। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं और पूरा जिला प्रशासन मदद में जुटा हुआ है, ताकि मलबे में फंसे किसी भी मजदूर को बचाया जा सके। 

एसपी ने कहा कि यह निर्माणाधीन बिल्डिंग थी, इसके मालिक और अन्य जानकारियां रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद जांच में सामने आएंगी। इस हादसे में मौतें और घायल दोनों हुए हैं, इसलिए इसमें लीगल एक्शन जरूर लिया जाएगा। चाहे ये अवैध निर्माण हो या फिर निर्माण में लापरवाही बरती गई हो, हर एंगल से जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि यहां काम करने वाले ज्यादातर मजदूर जंडली और आसपास के रहने वाले हैं, कुछ प्रवासी मजदूर भी हो सकते हैं। अवैध निर्माण के सवाल पर उन्होंने कहा कि नगर निगम अंबाला से बिल्डिंग का नक्शा लेकर जांच की जाएगी कि नक्शा पास था या नहीं।

इस वजह से हुआ हादसा

एक चश्मदीद के मुताबिक, गिरी हुई इमारत की दीवारें सिर्फ़ चार इंच मोटी थीं। इसके अलावा, कंक्रीट स्लैब को सेट होने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया था और आज तीसरी मंज़िल का स्लैब डाला जा रहा था, जबकि ढांचा अभी भी गीला था। चश्मदीद के अनुसार, इसी वजह से यह बड़ा हादसा हुआ।

​कुमारी सैलजा ने जताया शोक

कांग्रेस नेता कुमारी सैलजा ने इस हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि अंबाला के धूलकोट गांव में निर्माणाधीन इमारत के गिरने से हुआ दर्दनाक हादसा अत्यंत दुखद है। हादसे में श्रमिकों की मृत्यु और कई लोगों के घायल होने का समाचार हृदयविदारक है। मेरी संवेदनाएं मृतकों के परिजनों के साथ हैं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ दें। प्रशासन से अपील है कि मलबे में फंसे प्रत्येक श्रमिक को सुरक्षित निकालने के लिए राहत एवं बचाव कार्य पूरी तत्परता से चलाया जाए और घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

बता दें कि इस साल की शुरुआत में, 16 जून को अंबाला की पुरानी सब्ज़ी मंडी में भी एक जर्जर इमारत ढह गई थी, जिससे अफरा-तफरी मच गई थी और दो लोग फंस गए थे। हालांकि, पुलिस और फायर ब्रिगेड की संयुक्त कोशिशों से दोनों घायल लोगों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया था।

रिपोर्टः कृष्णा बाली

ये भी पढ़ेंः मिट्टी के ऊपर बना दी सड़क, 2 दिन में ही उखड़ना शुरू; सोनीपत में PWD विभाग का बड़ा कारनामा