नई दिल्ली: सरकार ने आज बताया कि 2012 से 2014 के बीच पिछले तीन वर्षो में अवैध एवं नकली शराब पीने के कारण 2927 लोगों की मौत हुई है। लोकसभा में असादुद्दीन ओवैसी के प्रश्न के लिखित उत्तर में गृह राज्य मंत्री हरि भाई पार्थीभाई चौधरी ने कहा कि साल 2012, 2013 और 2014 में अवैध और नकली शराब के सेवन की क्रमश: 725, 520 और 1797 मामलों की सूचना प्राप्त हुई है। इस दौरान क्रमश: 731, 497 और 1699 लोगों की जानें गई हैं।
राज्य सरकारों का प्राथमिक उत्तरदायित्व है अपराधों की जांच और रोकथाम
चौधरी ने कहा कि भारत के संविधान की सातवीं अनुसूचि में पुलिस और लोक व्यवस्था राज्य का विषय है और इसलिए अपराध की रोकथाम करने, उसका पता लगाने, दर्ज करने और उसकी जांच करने तथा अभियोजन चलाने का प्राथमिक उत्तरदायित्व राज्य सरकारों का है।
केंद्र सरकार भी अपराधों की रोकथाम के लिए प्रतिबद्ध
चौधरी ने कहाकि हालांकि केंद्र सरकार अपराध की रोकथाम के मामलों को काफी महत्व देती है और इसलिए राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों से निरंतर दंड न्याय प्रणाली में सुधार करने की दिशा में यथासंभव उपाय करने का अनुरोध करती है। किसी भी देश का विकास तभी संभव है, जब वहां अपराधों की संख्या को कम से कम किया जाए।
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