भारतीय सेना में 30 साल काम करने के बाद रिटायर हुए मोहम्मद अजमल हक ने अपनी नाराजगी जताई है। दरअसल मामला यह है कि अजमल हक को विदेशी मामलों की ट्राइब्यूनल से एक नोटिस मिला है। इस नोटिस में उन्हें संदिग्ध वोटर की श्रेणी में रखा गया है, और ट्राइब्यूनल के सामने पेश होने के लिए कहा गया है। अजमल हक के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है। (राजनीति में प्रवेश को लेकर बोले कमल हासन, 'देश सेवा में मरने के लिए तैयार हूं')
अजमल हक पर आरोप है कि वह भारत में अवैध रूप से रह रहे हैं। उन्हें बांग्लादेश का अवैध प्रवासी बताया है। इस मामले की सुनवाई ट्राइब्यूनल में आगामी 13 अक्टूबर को होगी। यह नोटिस मिलने के बाद अजमल हक ने अपनी नाराजगी दिखाते हुए कहा कि, 'छह महीने की सैन्य प्रशिक्षण के बाद मैं सेना की तकनीकी विभाग में जुड़ा। मैनें पंजाब के खेमकरन सेक्टर और कलियागांव में LoC पर, भारत-चीन सीमा पर त्वांग में, लखनऊ में, कोटा में सेवाएं दीं। मैंने कुछ वक्त सिकंदराबाद स्थित रक्षा प्रबंधन कॉलेज में भी काम किया।'
अजमल हक ने एक हिंदी वेबसाइट से बात करते हुए कहा कि, अगर मैं अवैध प्रवासी हूं तो फिर मैंने भारतीय सेना में कैसे अपनी सेवा दी। मैं बहुत दुखी हूं। 30 साल देश की सेवा करने का मुझे ये इनाम मिला है। मेरी पत्नी को भी इसी तरीके से प्रताड़ित किया गया था।' आपको बता दें कि अजमल हक की पत्नी मुमताज बेगम को भी साल 2012 में नागरिकता साबित करने के लिए तलब किया गया था।
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