चेन्नई: चेन्नई में गुरुवार और शुक्रवार सुबह से बारिश रुकने और जलस्तर के घटने से मिली राहत कुछ ही समय की साबित हुई। लेकिन शाम को शहर एक बार फिर जोरदार बारिश से सराबोर हो गया। चेन्नई के अलावा तमिलनाडु के बाढ़ प्रभावित तीन अन्य जिलों में बिजली नहीं है, खाने-पीने के समानों का अभाव बना हुआ है। यह त्रासदी अब तक 325 लोगों की जान ले चुकी है।
अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। पानी हटने के बाद शवों के मिलने से इनकार नहीं किया जा सकता। हजारों सैनिक, सामाजिक कार्यकर्ता पानी के बीच फंसे लोगों को निकाल कर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने और इनके बीच खाने-पीने का समान और कंबल बांटने में लगे हुए हैं।
मुख्य जलाशयों और नदियों में जलस्तर घटने से कुछ राहत हुई है। लेकिन, शहर के नागरिकों ने बताया कि बड़ी संख्या में इलाके अभी भी पानी में डूबे हुए हैं। राज्य में बारिश से चेन्नई, कुड्डालोर, कांचीपुरम और तिरुवल्लूर बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि बिजली न होने की वजह से एमआईओटी अस्पताल में 14 मरीजों की मौत हो गई। अस्पताल के प्रबंधन निदेशक पृथ्वी मोहनदास ने मीडिया को बताया कि बिजली न होने की वजह से अस्पताल में उपकरण काम नहीं कर रहे हैं। अस्पताल का बिजली का बैक-अप सिस्टम भी खराब हो गया है।
बारिश का सिलसिला गुरुवार और शुक्रवार सुबह थमा। इस वजह से मायलापुर और टेनामपेट सहित कुछ जगहों पर कुछ दुकानें खुलीं। कुछ इलाकों में बिजली की आपूर्ति बहाल कर दी गई लेकिन अधिकांश हिस्सों में बिजली नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि पानी हटने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
जिन इलाकों में जलस्तर कम हुआ है, वहां सार्वजनिक परिवहन सेवा कुछ हद तक बहाल हुई है। ऑटोरिक्शा भी चल रहे हैं, लेकिन ऑटोरिक्शा चालकों द्वारा यात्रियों से अधिक किराया वसूलने की शिकायतें आ रही हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि चेन्नई के कई क्षेत्रों में अब भी जलभराव की स्थिति है और आवश्यक खाद्य पदार्थो की आपूर्ति में मुश्किल आ रही है। एक स्थानीय निवासी विश्वनाथ ने बताया, "जलभराव की समस्या बनी हुई है। राहत की बात सिर्फ यही है कि बारिश थम चुकी है।" लेकिन, विश्वनाथ और अन्य लोगों की यह राहत ज्यादा देर नहीं टिकी। शुक्रवार शाम की तेज बारिश ने लोगों की चिंताएं फिर से बढ़ा दीं।
Latest India News