नई दिल्ली : प्रत्येक तीन पुरूषों में से दो अपनी स्कूली शिक्षा इसलिए जारी नहीं रख सके क्योंकि उन्हें घर की इंकम बढ़ानी थी जबकि आधी महिलाओं के लिए ऐसा घरेलू कामकाज एकमात्र कारण था। जुलाई 2011 से जून 2012 के दौरान राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण के 68वें दौर पर आधारित भारत में शिक्षा और व्यावसायिक शिक्षा की स्थिति शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है, 70 प्रतिशत से अधिक पुरूषों के लिए घरेलू आय बढ़ाना वर्तमान में कोई शैक्षिक संस्थान नहीं जाने का मुख्य कारण है, आधे से अधिक महिलाएं ऐसा मुख्य तौर पर घरेलू कामकाज के चलते नहीं कर पायीं। किसी भी शैक्षिक संस्थान में पढ़ाई नहीं करने के लिए यह कारण पांच से 29 वर्ष तक के व्यक्तियों के लिए बताया गया जो कभी किसी शैक्षिक संस्थान नहीं गए।
27 फीसदी ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने शिक्षा को जरूरी नहीं समझा
इसी तरह से अध्ययन में पाया गया कि 27 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में और 26.4 प्रतिशत ने शहरी क्षेत्रों में बताया कि वे कभी किसी शैक्षिक संस्थान में नहीं गए क्योंकि शिक्षा को जरूरी नहीं समझा गया। ये पुरूष और महिलाएं वे हैं जिन्होंने कभी किसी शैक्षिक संस्थान में पढ़ाई नहीं की।
स्कूल दूर था इसलिए दाखिला नहीं लिया
इनमें से 3.6 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में और 3.4 प्रतिशत शहरी क्षेत्र वालों ने बताया कि उन्होंने कभी किसी शैक्षिक संस्थान में दाखिला नहीं लिया क्योंकि विद्यालय बहुत दूर थे।
शिक्षा को जरूरी नहीं मानने वालों की संख्या भी कम नहीं
ग्रामीण क्षेत्रों में 24.7 प्रतिशत पुरूष और 28.4 प्रतिशत महिलाएं और शहरी क्षेत्रों में 22.9 प्रतिशत पुरूष और 29 प्रतिशत महिलाओं ने कभी भी शैक्षिक संस्थान नहीं जाने का कारण यह बताया कि शिक्षा को जरूरी नहीं माना गया।
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