नयी दिल्ली: वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे के संदिग्धों के कूट नामों और दी गई कथित रिश्वत के मामले का पता लगाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय ने रक्षा मंत्रालय, आयकर विभाग और वित्तीय खुफिया इकाई से इस मामले से जुड़े अधिकारियों और अन्य लोगों के बारे में जानकारी मांगी है। अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी ने रक्षा मंत्रालय और भारतीय वायुसेना के 10 सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारियों की संपत्ति की जानकारी मांगी है। ये वे अधिकारी हैं, जो अपनी सेवा के दौरान अगस्तावेस्टलैंड के हेलीकॉप्टरों की खरीद की प्रक्रिया से जुड़े थे। एजेंसी ने मामले से जुड़े कुछ संदिग्ध लोगों के निजी वित्त, लेन-देन और निवेशों के बारे में भी आयकर विभाग और वित्तीय खुफिया इकाई से जानकारी मांगी है। उन्होंने कहा कि इस मामले के कथित बिचौलिए के हस्तलिखित कागज के आधार पर ये उल्लेख किए गए ।
मिलान अदालत ने भी इस दस्तावेज को रिकॉर्ड में शामिल किया है। मिलान अदालत ने इतालवी रक्षा एवं एयरोस्पेस क्षेत्र की बड़ी कंपनी फिनमेकेनिका के पूर्व प्रमुख जी ओरसी और ब्रूनो स्पेग्नोलिनी कंपनी के पूर्व सीईओ को अगस्तावेस्टलैंड के हेलीकॉप्टर भारत को बेचने के दौरान भ्रष्टाचार के आरोपों का दोषी करार दिया था। सूत्र यह संकेत देते हैं कि ईडी के जांचकर्ताओं ने इन कूट नामों का कुछ विश्लेषण किया है और अब वे धन के प्रवाह और अपराध जनित कमाई और हेलीकॉप्टरों की खरीद से जुड़ी संभावित रिश्वत की जांच करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कर विभाग और वित्तीय खुफिया इकाई से मिली जानकारी के आधार पर कुछ साक्ष्य स्थापित किए जा सकते हैं।
प्रवर्तन निदेशालय ने रक्षा मंत्रालय को कुछ अधिकारियों के नाम दिए हैं। वह इन अधिकारियों की संपत्ति से जुड़ी जानकारी चाहता है। उन्होंने कहा, इन आंकड़ों का आयकर और वित्तीय खुफिया इकाई के मौजूदा आंकड़ों से मिलान किया जाएगा। 3600 करोड़ रूपए के वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे की जांच के दायरे को विस्तार देते हुए ईडी ने नकदी के लेनदेन के क्रम की जांच शुरू कर दी है। ऐसा संदेह है कि यह ब्रिटेन की अगस्तावेस्टलैंड से इन हेलीकॉप्टरों की खरीद के लिए कथित रिश्वत के रूप में दी गई थी।
वित्तीय जांच एजेंसी इस घोटाले के सिलसिले में गवाहों और आरोपियों से पूछताछ का दूसरा दौर शुरू करने के लिए तैयार है। ईडी ने एक अदालत में पिछले साल अपने आरोप पत्र में यह दावा किया था कि उसने विदेश से आरोपी गौतम खेतान और पूर्व वायुसेना प्रमुख के भाइयों की कंपनियों को भेजी गई कुछ कथित रिश्वत राशि की पहचान की है। अधिकारियों ने कहा कि नकदी के प्रवाह की जांच हो रही है क्योंकि यह आरोप है कि यह अगस्तावेस्टलैंड को भारत को वीवीआईपी उड़ान ड्यूटी के लिए 12एडब्ल्यू-101 हेलीकॉप्टरों की अंतिम आपूर्ति के लिए चुने जाने के योग्य बनवाने का प्रतिदान था।
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