नई दिल्ली: मध्य प्रदेश में व्यापम घोटाले का कवरेज करने गए 'आजतक' के पत्रकार अक्षय सिंह का AIIMS ने एक विसरा लेने से इनकार कर दिया है जबकि दूसरे विसरा की जांच को तैयार है। हार्ट और टिश्यू विसरा की एम्स में जांच की जाएगी। जबकि जहर के आशंका की जांच के लिए विसरा णएइथ भेजा गया है। AIIMS ने इसका कारण ऐसी जांच के लिए संसाधनों की कमी को बताया है।
मध्य प्रदेश के हाई प्रोफाइल व्यापम घोटाले से जुड़े इस मामले की पड़ताल के दौरान अक्षय की संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। शनिवार को अक्षय व्यापम घोटाले की आरोपी रही नम्रता डामोर के झाबुआ स्थित घर गए थे।
नम्रता इन्दौर के शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय में MGM की छात्रा थी और यह संदेह था कि उसने व्यापमं में प्रवेश कराने वाले गिरोह की मदद से मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लिया था।
नम्रता डामोर की मौत के 2 दिन बाद तीन डाक्टरों की पैनल ने उसके शव का पोस्टमार्टम किया था। इनमें डॉ. बी.बी. पुरोहित, डॉ. ओ.पी. गुप्ता और डॉ. अनिता जोशी शामिल थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पैनल ने बताया था कि नम्रता की नाक के ऊपर तीन नाखून के निशान थे। मौत की वजह मुंह, नाक या गला दबा कर हत्या को बताया गया था..साथ ही हत्या से पहले रेप की आशंका भी जताई गई थी।
पत्रकार अक्षय सिंह की रहस्यमयी मौत से पूरा परिवार सदमे में है। नम्रता के पिता मेहताब सिंह का कहना है कि कि अक्षय इंटरव्यू के बाद घर के बाहर कुछ कागजात लेने के लिए खड़े थे कि तभी उनके मुंह से झाग निकला और वो गिर गए।
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