नई दिल्ली: दिल्ली में हवा की गुणवत्ता आज रात बेहद खराब स्तर पर आ गई। यह समूचे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्रों में गंभीर श्रेणी को पार कर गई। रात 10 बजे के करीब सिस्टम एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च के 3 केंद्रों पर पीएम 2.5 गिरकर गंभीर श्रेणी में आ गई जो स्वस्थ लोगों को प्रभावित करती है और बीमारी से पीडि़त लोगों पर गंभीर प्रभाव डालती है।
क्या कहा था कोर्ट ने?
दिल्ली हाई कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण का वर्तमान स्तर चिंताजनक स्थिति में बताया था और कहा था कि दिल्ली गैस चैंबर में रहने जैसा है। अदालत ने साथ ही केन्द्र और दिल्ली सरकार को इससे निपटने के लिए विस्तृत कार्य योजनाएं पेश करने का निर्देश दिया था। न्यायमूर्ति बदर दुरेज अहमद और न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा की पीठ ने पर्यावरण मंत्रालय और दिल्ली सरकार द्वारा दायर कार्य योजनाओं के बारे में कहा था कि ये विस्तृत नहीं हैं क्योंकि इनमें हर प्राधिकरण की स्पष्ट जिम्मेदारी तथा इन्हें करने के लिए समयसीमा नहीं है। दिल्ली में वायु प्रदूषण के दो प्रमुख कारण धूल कण और वाहनों से निकलने वाला धुआं है। अदालत दिल्ली सरकार को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्देश के अनुसार, लोगों द्वारा खुले में कूड़ा और पत्तियां नहीं जलाई जाएं।
प्रदूशण पर लगाम लगाएगा ऑड-ईवन कार फॉर्मूला
प्रदूशण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली सरकार ने 1 जनवरी से अपनी चर्चित ऑड-ईवन कार फॉर्मूला 15 दिन के पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू करने की घोषणा की है। दिल्ली के परिवहन मंत्री गोपाल राय ने बताया कि इस योजना के तहत 2, 4, 6, 8 और 10 जनवरी को सम नंबर वाली कारें चलेंगी औऱ 1, 3, 5, 7 और 9 तारीख को विषम नंबर की कारें। रविवार को सभी नंबरों की कारें सड़कों पर चल सकेंगी। ऑड-ईवन का फॉर्मूला सुबह 8 बजे-शाम 8 बजे तक ही लागू रहेगा। इस योजना की घोषणा के वक्त बताया गया कि सुबह 8 बजे से पहले और रात को 8 बजे के बाद इस नियम में रियायत दी जाएगी। मेक्सिको में ऐसा ही एक नियम 1989 से ही लागू है।
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