नई दिल्ली: आज भारतीय सेना उरी आंतकी हमले पर नया खुलासा किया। आर्मी की शुरुआती जांच में पता चला है कि उरी आतंकी हमले को अंजाम देने वाले जैश के आतंकवादी, हमले से सिर्फ एक दिन पहले ही दाखिल हुए थे और इन्हें घुसपैठ के लिए ट्रेनिंग दी गई थी।
(देश-विदेश की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें)
पाकिस्तान को उरी हमले के सबूत सौंपे जाएंगे- सेना
शैलो इन्फिलट्रेशेन में आतंकवादी LOC क्रॉस करने के बाद पहले आर्मी कैंप को निशाना बनाते हैं। आर्मी का कहना है कि जैश की फिदायीन स्क्वॉड ने इस हमले को अंजाम दिया है। उरी आतंकी हमले में पाकिस्तान के शामिल होने के सबूत भी पाकिस्तान आर्मी को सौंपे जाएंगे।
डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल रनबीर सिंह ने बताया कि चार AK 47 राइफल, चार अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर, 39 ग्रेनेड, पांच हैंड ग्रेनेड, दो रेडियो सेट, दो जीपीएस, दो मैप शीट, दो मैट्रिक्स शीट...ये वो शीट हैं जिनका इस्तेमाल वो जगह पहचानने के लिए करते हैं। इसके साथ भारी मात्रा में खाने और दवा के पैकेट थे और उनपर पाकिस्तान का निशान मौजूद था।
सेना ने ये भी बताया कि पाकिस्तान की तरफ से इस साल लगातार आतंकी घुसपैठ की कोशिश हो रही है लेकिन सेना इन कोशिशों को नाकाम करने में जुटी हुई है।
इस साल 17 बार आतंकियों ने LOC पर घुसपैठ की कोशिश की
इस साल 17 बार एलओसी पर आतंकियों ने घुसपैठ की कोशिश की जो सेना की तरफ से नाकाम कर दी गई। इस साल जो 110 आतंकवादी मारे गए उनमें से 31 एलओसी पार करने की कोशिश के दौरान मारे गए।
इस साल LoC से घुसपैठ की कोशिश बढ़ी- सेना
ये दर्शाता है कि सीमापार से आतंकियों की घुसपैठ कराने की पुरजोर कोशिश हो रही है ताकि हमारे देश में अशांति फैलाई जा सके। 11 सितंबर को पुंछ और 18 सितंबर को उरी में आतंकियों ने घुसपैठ की। दोनों ही जगह चार-चार आतंकवादी मारे गए। इससे ये भी पता चलता है कि पिछले तीन चार साल के मुकाबले इस साल आतंकी घुसपैठ की कोशिशें ज्यादा हुई हैं।
देखिए वीडियो-
Latest India News