लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सुरक्षा में आई भारी चूक के बाद लापरवाह अधिकारियों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है। घटना के वक्त गैरमौजूद अधिकारियों को लापरवाह मानते हुए उन्हें निलंबित करने का आदेश दे दिया गया है। अखिलेश अपनी सांसद पत्नी डिम्पल यादव के साथ शुक्रवार को विधानसभा की लिफ्ट में आधे घंटे तक फंस रह गए। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, लिफ्ट बनाने वाली कंपनी पर भी एफआईआर करने के आदेश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर लिफ्ट के रखरखाव की जिम्मेदारी निभा रहे कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की बात भी कही है।
अखिलेश की सुरक्षा में शुक्रवार को बड़ी चूक हो गई। एक कार्यक्रम से लौटकर आ रहे अखिलेश अपनी पत्नी डिम्पल यादव के साथ विधानसभा की लिफ्ट में लगभग आधे घंटे तक लिफ्ट में फंसे रहे। इस घटना की सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया। मुख्यमंत्री और कन्नौज की सांसद को लिफ्ट काटकर निकाला गया।
घटनास्थल पर एम्बुलेंस और ऑक्सीजन भी मंगवा ली गई थी। लिफ्ट से सुरक्षित निकले अखिलेश ने घटना की बात ट्विटर पर साझा की। उन्होंने लिखा, "ईश्वर की कृपा और शुभचिंतकों की शुभकामनाओं की वजह से सुरक्षित बच गया हूं।" अखिलेश ने ट्वीट कर साफ तौर पर कहा है कि लापरवाह लोगों और लिफ्ट के मेंटेनेंस के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सचिवालय के कर्मचारियों के मुताबिक, लिफ्ट में तकनीकी खराबी के कारण यह घटना हुई। अखिलेश और डिम्पल को सुरक्षित निकालने के लिए 30 घंटे कड़ी मशक्कत की गई। इस घटना के वक्त मौके पर कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं था। मुख्यमंत्री ने अधिशाशी अभियंता, जेई और एई को निलंबित करने के आदेश दे दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री के सकुशल लिफ्ट से निकलने के बाद जब मीडियाकर्मियों ने कैबिनेट मंत्री आजम खां से इस घटना के बाबत पूछा, तो उन्होंने इसका अजब जवाब दिया। मंत्री ने कहा, "जब देश की मशीन ही खराब चल रही है, तब लिफ्ट तो बंद होगी ही। मांस के नाम पर हल्ला करने वाले जब बीफ के नाम पर करोड़ों का चंदा लेंगे तो लिफ्ट बंद होगी ही।"
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