नई दिल्ली: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुलंदशहर रेप कांड की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया है। कोर्ट इस मामले मे सरकार की ओर से अभी तक की जांच से संन्तुष्ट नही हुई। इसके साथ ही कोर्ट ने यूपी सरकार को इस मामले में जमकर फटकार भी लगाई है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 17 अगस्त को होगी।
इस केस पर हाई कोर्ट ने कड़ा रुख इख्तियार करते हुए पुलिस से मां और बेटी के बयान की केस डायरी भी तलब की है। इसके साथ ही कोर्ट ने बुलंदशहर के एसएसपी से पूछा है कि आरोपियों का मेडिकल परिक्षण क्यों नहीं कराया गया। आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने का भी आदेश दिया है।
इसके साथ ही हाई कोर्ट ने यूपी में महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों को रोकने में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारीयों के खिलाफ प्रदेश सरकार से कड़ी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए हैं। चीफ जस्टिस डीबी भोसले और जस्टिस यशवंत वर्मा की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इस घटना पर कहा था कि अगर इसकी जांच सीबीआई से करायी जाए तो मुझे भी इसमें कोई आपत्ति नहीं है। इस मामले पर जिस तरह राजनीति की जा रही है वो ठीक नहीं है। यह घटना बेहद शर्मनाक है इसका राजनीतिक लाभ लेने के लिए इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।
गौरतलब है कि आरोपियों ने बंदूक का भय दिखाकर एक महिला एवं उनकी नाबालिग बेटी के साथ एनएच-91 पर बुलंदशहर में उस समय गैंगरेप किया था, जब वे 29 जुलाई को अपने परिवार के साथ नोएडा से शाहजहांपुर जा रही थीं।
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