एफ-16 विमान के लिए अमेरिका पाक को सब्सिडी देने को तैयार नहीं
अमेरिका से आठ एफ-16 लड़ाकू विमान प्राप्त करने के पाकिस्तान के प्रयासों को ताजा झटका लगा है।

वाशिंगटन: अमेरिका से आठ एफ-16 लड़ाकू विमान प्राप्त करने के पाकिस्तान के प्रयासों को उस समय एक ताजा झटका लगा जब अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने उसे 70 करोड़ डॉलर के इस सौदे के लिए अमेरिकी करदाताओं के धन का उपयोग करके आर्थिक मदद मुहैया कराने में अपनी असमर्थता व्यक्त की। शीर्ष अमेरिकी सीनेटरों ने आठ एफ-16 लड़ाकू विमानों की बिक्री में पाकिस्तान की आंशिक आर्थिक मदद करने के लिए अमेरिकी करदाताओं के धन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी जिसके बाद अमेरिका ने पाकिस्तान से कहा कि वह ये विमान खरीदने के लिए अपने राष्ट्रीय फंड पेश करे।
अमेरिका के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने सोमवार को यहां दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, कांग्रेस ने बिक्री को मंजूरी दे दी है लेकिन महत्वपूर्ण सदस्यों ने यह स्पष्ट किया है कि वे इसके समर्थन के लिए एफएमएफ (विदेशी सैन्य वित्तपोषण) के इस्तेमाल पर आपत्ति करते हैं। कांग्रेस की आपत्तियों के मद्देनजर हमने पाकिस्तान से कहा है कि उन्हें इसके लिए अपने राष्ट्रीय फंड को पेश करना चाहिए। हालांकि किर्बी ने यह नहीं बताया कि यह निर्णय कब लिया गया और इसके बारे में पाकिस्तान को कब बताया गया।
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को 70 करोड़ डॉलर की अनुमानित लागत पर आठ लड़ाकू विमान बेचने के अपने विचार के बारे में कांग्रेस को 11 फरवरी को सूचित किया था। भारत सरकार ने इस कदम का विरोध किया था और उसने इस मामले में अपना विरोध दर्ज कराने के लिए भारत में अमेरिका के राजदूत रिचर्ड वर्मा को तलब किया था।
शक्तिशाली सीनेट फॉरेन रिलेशंस कमेटी के अध्यक्ष एवं सीनेटर बॉब कॉर्कर के नेतृत्व में शीर्ष अमेरिकी सांसदों ने इस बिक्री पर रोक लगाते हुए कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवादी संगठनों खासकर हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ पर्याप्त कदम नहीं उठाया और वह अब भी आतंकवादियों के लिए पनाहगाह बना हुआ हैं। ऐेसे में वे पाकिस्तान को लड़ाकू विमान बेचने के लिए ओबामा प्रशासन को अमेरिकी करदाताओं के धन का इस्तेमाल नहीं करने देंगे।
शीर्ष अमेरिकी सांसदों ने पिछले सप्ताह कांग्रेस की सुनवाई में ओबामा प्रशासन से खुलकर कहा था कि उन्हें इस बात की आशंका है कि पाकिस्तान इन एफ-16 लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल आतंकवाद के खिलाफ नहीं बल्कि भारत के खिलाफ करेगा। हालांकि अफगानिस्तान एवं पाकिस्तान के लिए विशेष प्रतिनिधि और पाकिस्तान सरकार ने कहा था कि एफ-16 आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अहम हथियार है और उन्होंने कांग्रेस से यह रोक हटाने की अपील की थी लेकिन सांसद अपनी बात पर अड़े रहे और उन्होंने ओबामा प्रशासन से कहा कि जब तक पाकिस्तान हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं करता तब तक यह रोक नहीं हटाई जाएगी।