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मेरे निलम्बन की अवधि बढ़ाना पूरी तरह अवैध: ठाकुर

मुलायम सिंह यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाले निलम्बित आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने केन्द्र सरकार द्वारा खत्म किए जाने के बावजूद उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अपनी निलम्बन अवधि को 95 दिन के लिए बढ़ाए जाने को पूरी तरह अवैध करार दिया है।

Amitabh Thakur
- India TV Hindi
Amitabh Thakur

लखनऊ: फोन पर धमकी देने के मामले में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया मुलायम सिंह यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाले निलम्बित आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने केन्द्र सरकार द्वारा खत्म किए जाने के बावजूद उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अपनी निलम्बन अवधि को 95 दिन के लिए बढ़ाए जाने को पूरी तरह अवैध करार दिया है।

ठाकुर ने गृह विभाग के प्रमुख सचिव देवाशीष पण्डा को लिखे पत्र में कहा है कि केन्द्र सरकार ने उनके निलम्बन को समाप्त करने सम्बन्धी आदेश गत 31 मार्च को पारित किया था और राज्य सरकार उनका पालन करने के लिए कानूनन बाध्य थी, लेकिन ऐसा करने के बजाय उसने अत्यन्त बेतुका आदेश पारित करते हुए कहा है कि जितने दिन विभिन्न अदालती आदेशों के अनुपालन में उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही स्थगित रहेगी, उतने दिन उनकी निलम्बन अवधि खुद ही बढ़ जाएगी।

उन्होंने राज्य सरकार के इस आदेश को पूरी तरह अवैध करार देते हुए कहा कि वह इसके खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। केन्द्र सरकार ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय तथा उत्तर प्रदेश सरकार से कहा था कि ठाकुर का लगातार जारी निलम्बन सम्बन्धित नियमों के खिलाफ है और उन्हें बहाल किया जाना चाहिए।

मालूम हो कि ठाकुर ने पिछले साल 11 जुलाई को सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के खिलाफ टेलीफोन पर धमकी देने के आरोप में हजरतगंज कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। उसके कुछ ही दिन बाद उन्हें भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के आरोप में निलम्बित कर दिया गया था।

ठाकुर के खिलाफ सतर्कता जांच के भी आदेश दिए गए थे। सतर्कता विभाग ने बाद में उनके खिलाफ आय के ग्यात स्रोतों से अधिक सम्पत्ति के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था।
वर्ष 1992 बैच के इस आईपीएस अधिकारी ने दावा किया था कि उनकी पत्नी नूतन ने सपा सरकार की मंत्री गायत्री प्रजापति के भ्रष्टाचार को उजागर किया था, इसीलिए सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने उन्हें धमकी दी थी।

ठाकुर ने पिछले साल नवम्बर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने कहा था कि उसे कर्तव्य के प्रति लापरवाही के आरोप में नहीं बल्कि ज्यादा काम करने की वजह से निलम्बित किया गया है। उन्होंने न्याय दिलाने में प्रधानमंत्री से मदद की भी अपील की थी।

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