अहमदाबाद: गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल ने उना में दलितों की पिटाई कांड के पीड़ितों से मिलने के लिए लंबी लाइन लगाने वाले विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं पर शुक्रवार को आरोप लगाया कि वे अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सिर्फ लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं और उनपर विश्वास नहीं करना चाहिए। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और राकांपा नेता प्रफुल पटेल ने पिछले दिनों में गिर सोमनाथ जिले के मोटा समधियाला गांव में पीड़ितों और उनके परिजनों से भेंट की थी।
गांधीनगर में संवाददाताओं से बातचीत में आनंदी बेन ने कहा, वे आए, बात किया और चलते बने, लेकिन राज्य सरकार वह कर रही है, जिसकी जरूरत है... इसलिए उनका विश्वास ना करें। हमारी सरकार में विश्वास रखें। उन्होंने कहा कि पीडि़तों को न्याय सुनिश्चित करने के लिए उनकी सरकार ने तत्परता से काम किया है। उन्होंने कहा, राजनीतिक दल इस मुद्दे का फायदा उठाना चाहते हैं और अगले साल होने वाले चुनावों से पहले राजनीतिक विवाद पैदा कर रहे हैं।
आनंदी बेन ने कहा, लेकिन गुजरात के दलित और वंचित तबके को पता है कि पिछले 15 वर्षों में हमारी सरकार ने उनके लिए क्या किया है। एक भी ऐसा समुदाय नहीं है जिसे सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिला हो... हम विभिन्न समुदायों के सदस्यों के बीच भेदभाव नहीं करते हैं और कभी नहीं करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना के तुरंत बाद पुलिस ने 16 लोगों को गिरफ्तार किया है। सीआईडी मामले की जांच कर रही है और सरकार ने पीडि़तों को सहायता राशि दी है। मोटा समधियाला गांव में 11 जुलाई को कुछ दलित युवक मरी हुई गाय की चमड़ी उतार रहे थे, उसी दौरान कथित गउ-रक्षकों ने गो-हत्या का आरोप लगाते हुए युवकों की सार्वजनिक रूप से पिटाई की थी। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद इसका विरोध हो रहा है।
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