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ईशनिंदक बयान से नाराज भीड़ ने बिहार में थाने में की तोड़फोड़

पूर्णिया: किसी दक्षिणपंथी संगठन के नेता के कथित ईशनिंदक बयान के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने बैसी थाने में तोड़फोड़ की तथा वहां खड़े कई वाहनों में आग लगा दी। पुलिस ने आज बताया

Angry mob ransacked the police station in Bihar- India TV Hindi
Angry mob ransacked the police station in Bihar

पूर्णिया: किसी दक्षिणपंथी संगठन के नेता के कथित ईशनिंदक बयान के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने बैसी थाने में तोड़फोड़ की तथा वहां खड़े कई वाहनों में आग लगा दी। पुलिस ने आज बताया कि पूर्व विधायक सईद रूक्नुद्दीन की अगुवाई वाली अल्पसंख्यक संगठन इस्लामिक काउंसिल ऑफ इंडिया की स्थानीय इकाई ने कमलेश तिवारी के कथित अपमानजनक टिप्पणी के खिलाफ कल जुलूस निकाला था। तिवारी किसी ऐसे दक्षिणपंथी संगठन का नेता बताया जाता है जिसका कोई खास नाम नहीं है।

बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने थाने का फर्नीचर और वाहन जला डाले

पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों के एक वर्ग ने बैसी थाने पर धावा बोल दिया, उसने वहां फर्नीचर एवं अन्य उपकरण तोड़ डाले तथा वहां खड़े कई वाहनों को फूंक दिया। पूर्णिया के जिलाधिकारी पंकज कुमार पाल के अनुसार इस हिंसा के सिलसिले में 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है। स्थिति की समीक्षा के लिए बैसी थाने का दौरा करने वाले पाल ने कहा कि इस घटना में जो लोग शामिल थे, उनका वीडियो फुटेज से पता लगाया जा रहा है।

सशस्त्र पुलिस को किया तैनात

जिलाधिकारी के अनुसार बैसी थाने और उसके आसपास के इलाके में कानून व्यवस्था नियंत्रण में है और सशस्त्र पुलिस का एक हिसा एहतियात के तौर पर तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि बैसी के उपसंभागीय अधिकारी को घटना की जांच करने को कहा गया है। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर डेरा डाले हुए हैं।

घंटों बीत जाने पर भी दोषियों का पता नहीं

घंटों बीत जाने के बावजूद अब तक यह पता नहीं चल सका है कि बंगाल के मालदा की तर्ज पर बिहार के पूर्णिया में हिंसा का कसूरवार कौन है? वो कौन लोग हैं, जिन्होंने प्रदर्शनकारियों के भेष में तोड़-फोड़ और पत्थरबाजी की। क्या पूर्णिया कांड के पीछे कट्टरता वजह है? या वो लोग जो धर्म के नाम पर सियासत की रोटियां सेंकना चाहते हैं। बिहार के मुख्यमंत्री इस बारे में कुछ कह नहीं रहे हैं और लालू यादव ने भी मौन साधा हुआ है।

 

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