फैजाबाद: बाबरी ढांचा ढहाए जाने की आज 23वीं बरसी पर मुस्लिम समूहों ने अफसोस दिवस और हिंदू समूहों ने शौर्य दिवस मनाया। यह दिन अयोध्या एवं देश के अन्य हिस्सों में कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्वक गुजर गया।
बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी (BMAC) ने आज का दिन यौम ए ग़म के तौर पर जबकि विहिप ने शौर्य दिवस के तौर पर मनाया। इस अवसर पर, उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त महाधिवक्ता जफ़रयाब जिलानी ने कहा कि बाबरी मस्जिद के लिए लड़ाई हिंदू लड़ रहे हैं और इसे हिंदुओं का समर्थन भी है। जिलानी बीएमएसी के सदस्य हैं।
जिलानी ने अयोध्या में कहा कि बाबरी मस्जिद का मामला उच्चतम न्यायालय में प्रख्यात वकीलों का एक समूह लड़ रहा है और ये वकील हिंदू समुदाय के सदस्य हैं। उन्होंने कहा हम देश के 90 फीसदी, धर्मनिरपेक्ष हिंदुओं के समर्थन पर बाबरी मस्जिद की कानूनी और राजनीतिक लड़ाई लड़ रहे हैं।
अयोध्या और फैजाबाद के मुसलमानों ने आज काला रविवार मनाया। छह दिसंबर 1992 को जब बाबरी ढांचा ढहाया गया था उस दिन रविवार ही था। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आज अपनी दुकानें नहीं खोलीं और बाबरी विध्वंस के विरोध में काले झंडे लहराए। इंडियन मुस्लिम लीग ने फैजाबाद में एसएसपी के कार्यालय के बाहर धरना दिया।
दिल्ली में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के सदस्यों ने आज शौर्य दिवस मनाया तथा अयोध्या में राम मंदिर के शीघ्र निर्माण का संकल्प लिया। विहिप की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष रामपाल सिंह ने कहा कि संसद के एक कानून के माध्यम से मंदिर का निर्माण किया जाना चाहिए। सिंह ने कहा न्याय प्रणाली पर भरोसा करते हुए हिंदुओं ने 1950 से 2010 तक 60 साल इंतजार किया। लेकिन अब हिंदू समुदाय चाहता है कि सोमनाथ मंदिर की तरह ही संसद के एक कानून के माध्यम से मंदिर बनाया जाए।
पंजाब में शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने बाबरी विध्वंस की बरसी को शौर्य दिवस के तौर पर मनाया और फगवाड़ा में एक स्थानीय मंदिर में कार्यक्रम आयोजित किया। हैदराबाद में ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुसलमीन तथा अन्य स्थानीय संगठनों ने बंद का आह्वान किया था जो शांतिपूर्ण रहा और पुलिस के अनुसार, कहीं से भी किसी अवांछित घटना की सूचना नहीं मिली।
कोलकाता में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने बाबरी बरसी को संहति दिवस (एकता दिवस) के तौर पर मनाने के लिए शहर के मध्य में स्थित गांधी प्रतिमा के निकट एक रैली का आयोजन किया। इस मौके पर वाम दलों ने नई दिल्ली में एक विरोध रैली आयोजित की और आरएसएस, भाजपा पर देश में सांप्रदायिक उन्माद तेज करने का आरोप लगाया।
रैली के दौरान माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने हिंदुत्व संगठनों को राष्ट्र विरोधी करार दिया और उन पर न केवल शांति भंग करने बल्कि देश में वैग्यानिक मिजाज को खतरे में डालने का आरोप भी लगाया।
इस बीच, उप्र के मंत्री तेज नारायण पांडेय ने कहा कि बाबरी ढांचा विध्वंस के 23 साल बाद भी इसके लिए जिम्मेदार लोगों को सजा नहीं दी गई और तो और अदालत की कार्रवाई भी उस बिंदु तक नहीं पहुंची जहां हमें भरोसा हो सके कि आरोपियों को सजा होगी।
जिलानी ने भी मामले से जुड़े विभिन्न कानूनी पहलुओं का संदर्भ दिया। उन्होंने मुसलमानों से धैर्य रखने की अपील की क्योंकि उच्चतम न्यायालय में उनका मामला बहुत मजबूत है।
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