नई दिल्ली: जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के दो छात्रों उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य ने मंगलवार देर रात दिल्ली पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। दोनों ने दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम राहत देने से मना करने के कुछ घंटे बाद सरेंडर किया। पुलिस पुछताछ में खालिद ने सनसनीखेज खुलासे किए।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक खालिद ने स्वीकार किया कि 9 फरवरी को जेएनयू में डेमोक्रेटिक स्टूडेंट यूनियन की तरफ से अफजल गुरु की बरसी पर एक कार्यक्रम के दौरान अफजल गुरु के समर्थन में नारे लगाए गए थे। उमर खालिद से आरकेपुरम थाने में पूछताछ के बाद पुलिस उसे अपने साथ ले गई। इस बीच दिल्ली हाई कोर्ट ने निर्देश दिया है कि कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य की रिमांड से जुड़ी सारी कार्रवाई को सुरक्षित स्थान पर पूरा किया जाए।
खालिद और अनिर्बान ने पुलिस पूछताछ में यह भी बताया कि अफजल गुरु की फांसी उसके दिल के बहुत करीब है। पूछताछ में यह भी पता चला है कि जेएनयू में कार्यक्रम के लिए पोस्टर और प्रचार सामग्री अनिर्बान ने बांटी थी।
बता दें कि गत 12 फरवरी से लापता रहने के बाद दोनों रविवार की रात को जेएनयू परिसर में वापस लौट आए थे। वे एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक से विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार तक आए और दिल्ली पुलिस के वाहन में सवार हो गए और उन्हें अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि खालिद और भट्टाचार्य ने मध्यरात्रि के करीब सरेंडर किया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दोनों को साउथ कैंपस थाना में पुलिस हिरासत में रखा गया था। उन्हें बुधवार सुबह मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। जहां उनसे पूछताछ जारी है।
गौरलतब है कि उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य उन 5 छात्रों में हैं जिन्होंने संसद भवन हमले के दोषी अफजल गुरु की नौ फरवरी को बरसी के मौके पर यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर राष्ट्रविरोधी नारेबाजी की थी। कन्हैया कुमार, खालिद और भट्टाचार्य के अलावा अन्य छात्र हैं रामा नागा, आशुतोष कुमार और अनंत प्रकाश।
दिल्ली पुलिस ने 20 फरवरी को खालिद, भट्टाचार्य, नागा, आशुतोष और प्रकाश के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया था। यूनिवर्सिटी के छात्रों ने मंगलवार शाम जब खालिद और भट्टाचार्य कैंपस से जा रहे थे तो मीडिया को उनका पीछा करने से रोकने के लिए मानव श्रृंखला बनाई थी।
Latest India News