1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. CM केजरीवाल ने पेश किया Odd-Even Formula का ब्लू-प्रिंट

CM केजरीवाल ने पेश किया Odd-Even Formula का ब्लू-प्रिंट

राष्ट्रीय राजधानी में 1 जनवरी से लागू हो रहे सम-विषम फॉर्मूले से महिला वाहन चालकों और CNG से चलने वाले वाहनों को छूट मिलने की संभावना है।

odd even car formula- India TV Hindi
odd even car formula

नई दिल्ली: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में 1 जनवरी से लागू हो रहे ऑड-इवन कार फॉर्मूले का ब्लू-प्रिंट पेश किया। केजरीवाल ने बताया कि, इवन तारीख को इवन नंबर की गाड़िया चलेंगी और ऑड तारीख को ऑड नंबर की गाड़ियां चलेंगी। साथ ही उन्होंने बताया कि संडे को नियम लागू नहीं होगा। यह नियम सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक नियम लागू रहेगा। नियम तोड़ने पर 2000 रुपए तक का जुर्माना देना पड़ेगा।

केजरीवाल ने बताया कि, 'इसका लक्ष्य दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को कम करना है। शुरुआत में प्रायोगिक स्तर पर 15 दिन के लिए लागू हो रहे इस फॉर्मूले में मोटरसाइकिलें, आपात वाहन जैसे एम्बूलेंस, पीसीआर, दमकल गाड़ियों पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। महिला वाहन चालकों और CNG से चलने वाले वाहनों को छूट मिलेगी।'

केजरीवाल ने बताया कि महिला चालकों को फॉर्मूले के तहत छूट होगी, लेकिन साथ में यदि कोई पुरूष यात्रा कर रहा है तो उनपर जुर्माना लगेगा। सिर्फ महिलाओं के साथ यात्रा कर रही महिला चालक को छूट होगी। उन्होंने यह भी कहा कि सम-विषम फॉर्मूले का उल्लंघन करने पर 2000 रुपए का जुर्माना लगेगा। अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों पर भी सम-विषम फॉर्मूला लागू होगा।

दिल्ली सरकार के मुताबिक, विषम रजिस्ट्रेशन नंबर वाले वाहनों का परिचालन विषम तारीख (1,5,7,9,11,13, व 15 जनवरी) के दिन जबकि सम रजिस्ट्रेशन नंबर वाले वाहनों का परिचालन सम तारीख (2,4,6,8,12,14 जनवरी) को होगा। यह योजना तीन जनवरी व 10 जनवरी को लागू नहीं होगी, क्योंकि इस दिन रविवार है।

केजरीवाल ने कहा कि नीति में दिल्ली उच्च न्यायालय व केंद्रीय गृह मंत्रालय व विशेषज्ञों के सुझावों को भी जगह दी गई है। उन्होंने कहा, "हम दिल्लीवासियों से अपील करते हैं कि वे वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सम-विषम वाहन फॉर्मूले को सफल बनाएं, क्योंकि यह खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका है।" उन्होंने कहा, "लोगों के समर्थन के बिना यह सफल नहीं होगा। हम ऐसा हमारे बच्चों, हमारे भविष्य व हमारे पर्यावरण के लिए कर रहे हैं।"

दिल्ली में प्रदूषण के खतरनाक स्तर तक पहुंचने के बाद न्यायपालिका द्वारा बार-बार चेतावनी के बाद दिल्ली सरकार ने सड़कों पर वाहनों की संख्या को नियंत्रित करने का फैसला लिया। दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा था कि दिल्ली एक गैस चैंबर जैसा बन गया है।

Latest India News