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दादरी कांड: केजरीवाल को पीड़ित परिवार से मिलने से रोका

ग्रेटर नोएडा: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने आज दावा किया कि उन्हें दादरी के बिसाहड़ा गांव जाने से रोक दिया गया जहां हाल में गोमांस खाने की अफवाहों को लेकर भीड़ ने कथित रूप

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अरविंद केजरीवाल को दादरी गांव जाने से रोका गया

ग्रेटर नोएडा: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने आज दावा किया कि उन्हें दादरी के बिसाहड़ा गांव जाने से रोक दिया गया जहां हाल में गोमांस खाने की अफवाहों को लेकर भीड़ ने कथित रूप से एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। आप नेता ने सवाल किया कि जब असदुद्दीन ओवैसी और महेश शर्मा जैसे नेताओं को वहां जाने दिया गया तो उन्हें शोकसंतप्त परिवार से मिलने से क्यों रोका गया?

आप के दूसरे नेताअों कुमार विश्वास और संजय सिंह के साथ गए केजरीवाल ने कहा कि स्थानीय लोगों द्वारा लोगों के गांव का दौरा करने के खिलाफ प्रदर्शन करने के बाद उन्हें गांव के बाहर रोक दिया गया।

उन्होंने ट्विटर पर लिखा, हमें पुलिस और प्रशासन ने रोक दिया। महेश शर्मा और ओवैसी को कल नहीं रोका था। फिर मुझे क्यों? मैं सबसे शांतिप्रिय हूं। केवल अखलाक के परिवार से मिलना चाहता हूं।

कल एआईएमआईएम के नेता ओवैसी ने मृतक मोहम्मद अखलाक के परिवार को सांत्वना देने के लिए गांव का दौरा किया था और पूर्व नियोजित हत्या पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल किया था।

ओवैसी ने उन दावों को खारिज कर दिया कि गोमांस खाने की अफवाह को लेकर अखलाक के परिवार पर हमला किया गया और आरोप लगाया कि अखलाक के धार्मिक विश्वास के कारण उसपर हमला किया गया।

उन्होंने कहा था, यह हमला मांस के कारण नहीं किया गया। हत्यारों को गिरफ्तार करने की बजाए सपा सरकार पीडि़त के घर में पाए गए मांस का फोरेंसिक टेस्ट करा रही है। पहले जहर से भरे उनके दिमाग की जांच होनी चाहिए। वे पीडि़त को आरोपी के तौर पर देख रहे हैं।

स्थानीय भाजपा सांसद महेश शर्मा भी कल अखलाक के परिवार से मिले थे। उन्होंने हत्या को एक हादसा करार देते हुए कहा था कि इसे सांप्रदायिक रंग नहीं देना चाहिए और राजनीति नहीं करनी चाहिए क्योंकि यह खतरनाक साबित हो सकता है।

ऐसी भी खबरें हैं कि कुछ महिलाओं ने मीडियाकर्मियों और दूसरे लोगों को गांव से बाहर खदेड़ दिया।

गांव में पीएसी :प्रोविंशियल आम्र्ड कांस्टेबुलरी: एवं पुलिस दल तैनात किए गए और पांच या उससे ज्यादा लोगों के जमा होने पर रोक लगाने के लिए निषेधाग्या लगायी गयी। जिला मजिस्ट्रेट एम पी सिंह ने स्थिति के नियंत्रण में होने का दावा करते हुए कहा कि सांप्रदायिक संघर्ष की बजाए घटना को एक अकेले मामले के तौर पर देखा जाना चाहिए क्योंकि कोई और मुस्लिम परिवार प्रभावित नहीं हुआ।

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