जिसके बाद से गरिमा को पुलिस से नफरत होने लगी। अभी IPS गरिमा सिंह झांसी में हैं और वहां की सुरक्षा व्यवस्था को संभाल रही हैं। उन्होंने कभी भी पुलिस बनने का सपना नहीं देखा था वो तो डॉक्टर बनना चाहती थी। उन्होंने अपने पापा के कहने पर सिविल सर्विसेज की तैयारी की उन्होंने साल 2012 में सिविल सर्विसेज का एग्जाम दिया था और एक ही बार में उनका सेलेक्शन आईपीएस में हो गया।
अगली स्लाइड में पढ़ें और
Latest India News