नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में कथित गोरक्षकों द्वारा अल्पसंख्यकों और दलितों के खिलाफ किए जा रहे हमलों की पृष्ठभूमि में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने आज कहा कि ये घटनाएं चिंताजनक और अफसोसनाक हैं तथा प्रशासन के स्तर पर ऐसे लोगों पर अंकुश लगाने की जरूरत है। आयोग के अध्यक्ष नसीम अहमद ने कहा, इस तरह के हमले चिंताजनक और अफसोसनाक हैं। इनको रोकने के लिए प्रशासन के स्तर पर कड़ी कार्रवाई की जरूरत है।
हाल ही में मेवात में दो महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार, बिरयानी से मांस के नमूने एकत्र करने तथा दिल्ली में दो लोगों पर कथित गोरक्षकों के हमले की घटनाओं का हवाला देते हुए अहमद ने कहा, मेवात की घटना पर हमने प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। इसी तरह से दिल्ली की घटना पर हमने पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट आ जाने के बाद आगे कदम उठाया जाएगा।
गौरतलब है कि हाल के कुछ महीनों में कथित गोरक्षकों ने अल्पसंख्यक और दलित समुदाय के लोगों पर हमले किए हैं। गुजरात के उना में दलितों की बर्बर पिटाई के बाद दलित समुदाय से कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि गोरक्षा का अभियान चलाने वालों में ज्यादातर ऐसे होते हैं जो रात के समय असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त होते हैं और दिन में गोरक्षा के नाम का चोला ओढ़ लेते हैं।
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