श्रीनगर: कश्मीर उच्च न्यायालय बार असोसिएशन (केएचसीबीए) ने एक याचिका दायर कर उसपर तुरंत सुनवाई की मांग की है जिसमें उसने कानून और व्यवस्था की समस्या के दौरान गोलियां और पेलेट बंदूकों के इस्तेमाल को खत्म करने के लिए निर्देश मांगे हैं। बार असोसिएशन ने उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर कर गुजारिश की है कि भीड़ को नियंत्रित करने के नाम पर पेलेट बंदूकों का इस्तेमाल पूरी तरह से बंद किया जाए। असोसिएशन ने रविवार को एक बयान में यह जानकारी दी है।
बयान में कहा गया है कि बार असोसिएशन को उम्मीद है कि तत्काल सुनवाई की प्रकृति वाली रिट याचिका को मुख्य न्यायाधीश द्वारा सोमवार को सूचीबद्ध करने का आदेश दिए जाएगा और अदालत जरूरी आदेश जारी करेगी जैसे कि याचिका में प्रार्थनीय है। वकीलों के निकाय ने मांग की है कि जिन अधिकारियों ने आठ जुलाई के बाद पेलेट बंदूकों के इस्तेमाल का निर्णय लिया है कि उनके खिलाफ अभियोजन चलाया जाना चाहिए और सजा दी जानी चाहिए।
बयान में कहा गया है कि जिन लोगों को पेलेट बंदूकों के इस्तेमाल की वजह से चोटें आई हैं उन्हें मुआवजा दिए जाने के अलावा, उनका इलाज सक्षम और अच्छी तरह प्रशिक्षित डॉक्टरों से राज्य में या राज्य के बाहर सरकारी खर्च पर कराया जाना चाहिए। बार असोसिएशन ने कहा है कि उसे उम्मीद है कि उच्च न्यायालय लोगों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए अपने पूर्ण अधिकारों का इस्तेमाल करेगा और सरकार के सभी विभागों को लोगों की गरिमा और मूल स्वतंत्रता का सम्मान करने के लिए आदेश जारी करेगा।
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