मुंबई पर हुए आतंकी हमले से अनजान थे तत्कालीन गृह सचिव!
हो सकता है पाकिस्तानी प्रशासन को इस बात का पता ना हो कि कथित नॉन एक्टर्स छब्बीस नवंबर दो हज़ार आठ को मुंबई पर हमला करने वाले हैं और उन्होंने तत्कालीन भारतीय गृह सचिव मधुकर गुप्ता को एक और दिन पाकिस्तान में रुकने का न्योता सही नीयत से दिया हो,लेकिन फिर भी ये तो कहा ही जा सकता है कि ये गज़ब का संयोग था जिस पर सवाल उठने की पूरी गुंजाइश है।
ऐसे में सवाल उठता है कि-
- क्या भारतीय प्रतिनिधिमंडल को जनाबूझकर पाकिस्तान में रोका गया था?
- क्या तत्कालीन गृह सचिव को मुंबई हमले की जानकारी नहीं थी?
- क्या गृह सचिव को मुरी में रोकना ISI की चाल थी?
- जब पूरी दुनिया को हमले की जानकारी थी तो क्या पाकिस्तान ने मधुकर गुप्ता को इस बारे में नहीं बताया था?
मुंबई हमले के करीब 20 घंटे बाद भारतीय प्रतिनिधिमंडल बिना रहमान मलिक से मुलाकात किए ही वापस लौट आया। मुंबई हमले के बाद भी गृह मंत्रालय ने तत्कालीन गृह सचिव मधुकर गुप्ता से कोई संपर्क नहीं किया था। गृह मंत्रालय को डर था कि अगर ऑपरेशन की जानकारी मधुकर गुप्ता को दी गई तो इसका पता पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI को भी हो सकती थी।
तत्कालीन गृह सचिव ने दी सफाई
तत्कालीन गृह सचिव मधुकर गुप्ता ने इस मामले पर सफाई दी है। उन्होंने साफ किया है कि वो मुरी में हॉलीडे पर नहीं थे बल्कि पाकिस्तान के इंटिरियर मिनिस्टर से मुलाकात का इंतजार कर रहे थे। साथ ही उन्होंने ये भी कहा है कि मुंबई हमले के पीछे पाकिस्तान की ही किसी एजेंसी का हाथ था।
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