इंदौर: मध्यप्रदेश की रतलाम झाबुआ लोकसभा सीट और देवास विधानसभा सीट पर 21 नवंबर को होने वाले उपचुनावों पर बिहार विधानसभा चुनाव के हालिया नतीजे का प्रभाव पड़ने के कांग्रेस के दावे को केंद्रीय इस्पात और खनन मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सिरे से खारिज कर दिया। तोमर ने कहा, मध्यप्रदेश के दोनों उपचुनावों का बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे से कोई लेना-देना नहीं है, क्योंकि दोनों सूबों की प्रकृति अलग-अलग है। मध्यप्रदेश में भाजपा का मजबूत जनाधार है।
बहरहाल, बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा का सूपड़ा साफ होने से उत्साहित कांग्रेस नेताओं का दावा है कि इस चुनाव के परिणाम से उसे मध्यप्रदेश के दोनों आसन्न उपचुनावों में फायदा होगा। दोनों उपचुनावों में मुख्य टक्कर भाजपा और कांग्रेस के बीच ही है। तोमर ने रतलाम झाबुआ लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार और पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया पर सीधा हमला भी बोला।
मध्यप्रदेश की भाजपा इकाई के पूर्व अध्यक्ष ने आरोप लगाया, पूर्ववर्ती यूपीए सरकार में मंत्री रहने के बावजूद भूरिया रतलाम झाबुआ क्षेत्र का समुचित विकास करने में नाकाम रहे। फरवरी 2008 में उनके केंद्रीय मंत्री रहने के दौरान इंदौर-दाहोद रेललाइन का शिलान्यास किया गया था। लेकिन वह क्षेत्र की इस महत्वाकांक्षी रेल परियोजना को गति नहीं दिलवा सके।
तोमर ने उपचुनाव में रतलाम-झाबुआ लोकसभा क्षेत्र पर भाजपा का कब्जा बरकरार रहने का दावा करते हुए कहा, इस क्षेत्र के मतदाता जागरूक हैं। वे भूरिया के बहकावे में आने वाले नहीं हैं। रतलाम-झाबुआ लोकसभा सीट भाजपा सांसद दिलीप सिंह भूरिया के निधन से खाली हुई है। इस सीट पर हो रहे उपचुनाव में कांग्रेस ने अपने अनुभवी नेता कांतिलाल भूरिया को मैदान में उतारा है, तो भाजपा ने मतदाताओं की सहानुभूति बटोरने के लिए दिवंगत सांसद दिलीप सिंह भूरिया की विधायक पुत्री निर्मला भूरिया को टिकट दिया है। निर्मला इस समय झाबुआ जिले की पेटलावद विधानसभा सीट से विधायक हैं।
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