नई दिल्ली: हरीश रावत द्वारा मंगलवार को उत्तराखंड विधानसभा में शक्ति परीक्षण में विजयी नजर आने के बीच भाजपा ने आरोप लगाया कि उन्होंने बहुमत खरीदने का प्रयास किया। पार्टी ने दावा किया कि जनता चुनावों में उन्हें सबक सिखाएगी। भाजपा ने हालिया स्टिंग आपरेशन का हवाला देते हुए रावत पर विधायकों को रिश्वत देने का आरोप लगाया और एक कांग्रेसी विधायक के भाजपा में आने का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में जो कुछ हुआ वह कांग्रेस के भीतर के संकट के कारण हुआ।
भाजपा राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने शक्ति परीक्षण के बाद कहा, कांग्रेस विधायकों के बहुमत के बिना सरकार चलाना चाहती थी। नौ बागियों सहित दस विधायकों ने इसे छोड़ दिया। रावत ने राज्य संसाधनों की लूट का प्रयोग विधायकों को रिश्वत देने में किया। उन्हें जनता का भरोसा हासिल नहीं होगा। जनता विधानसभा चुनावों में उन्हें सबक सिखाएगी। विधानसभा में शक्ति परीक्षण का परिणाम बुधवार को उच्चतम न्यायालय घोषित करेगा। कांग्रेस ने हालांकि अभी से अपनी जीत का जश्न मनाना शुरू कर दिया है।
केंद्र पर कटाक्ष करते हुए सिंघवी ने कहा, सवाल पूछे जाएंगे क्या यह सत्ता का अहंकार था। क्या यह लोगों को विचलित करने का प्रयास था? उन्होंने यह भी कहा कि बुधवार को उच्चतम न्यायालय में जो भी फैसला होगा, यह स्पष्ट है कि लोकतंत्र की जीत हुई है। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा, काश न्यायपालिका उत्तराखंड की तरह अरूणाचल प्रदेश को लेकर भी बेबाक रहती। लोकतंत्र के लिए जश्न है और हरीश रावत को बधाई। न्यायपालिका ने हमारे लोकतंत्र को बचाया है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा को देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा, उत्तराखंड में लोकतंत्र जीता है। षड़यंत्रकारियों की हार हुई। बाहुबल और धनबल पर हमेशा सत्य की जीत होती है। भाजपा को देश से माफी मांगनी चाहिए।
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