1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. BLOG: क्यों ना लें दशहरा Resolution, खत्म करें….अपनी तीन बुरी आदतें

BLOG: क्यों ना लें दशहरा Resolution, खत्म करें….अपनी तीन बुरी आदतें

दशहरा का दिन… एक खास दिन जब जब हम 3 पुतलों को आग के हवाले करते हुए ये समझते हैं कि समाज में फैली सारी बुराईयां नष्ट... सबसे महत्वपूर्ण क्या है इस त्योहार में ‘’ बुराईयों का अंत ’’ सालों से चली आ रही परंपरा के मुताबिक पुतला तो जलता है लेकिन...

Blog on Dussehra- India TV Hindi
Blog on Dussehra

सुरभि आर शर्मा

दशहरा का दिन… एक खास दिन जब हम 3 पुतलों को आग के हवाले करते हुए ये समझते हैं कि समाज में फैली सारी बुराईयां नष्ट... सबसे महत्वपूर्ण क्या है इस त्योहार में" बुराईयों का अंत’’ सालों से चली आ रही परंपरा के मुताबिक पुतला तो जलता है लेकिन उसी के आस-पास बुराईयों का अंबार ऐसा कि उनको खत्म करने …नष्ट करने या कहें समझने में भी सालों लग जाए। समझते सब है कि समाज में बहुत सी बुराईयां हैं, इनको गिराने के लिए ठोस कदम उठाना होगा…. लेकिन खुद क्या करना है किसी को नहीं मालूम?? और अगर मालूम भी है तो शायद करना नहीं चाहते? वो कहते हैं न…. 'बुराई इसलिए नहीं बढ़ती की बुरे लोग बढ़ रहे हैं, बुराई इसलिए बढ़ती हैं क्योंकि बुराई सहन करने वाले लोग बढ़ रहे हैं ।'

New Year Resolution का trend कैसे शुरु हुआ मालूम नहीं लेकिन एक ख्याल आया है क्यों न दशहरा Resolution बनाएं और 3 पुतलों के साथ अपनी सिर्फ 3 बुरी आदतें खत्म् करें! जरूरी भी है जब तक अपने बारे में नहीं सोचेंगे तब तक सब कुछ सही करने के लिए कोशिश कैसे करेंगे? वो कहते हैं ना ‘’मान लो तो हार, ठान लो तो जीत‘’  क्यों ना खुद की खामियों, खुद की बुराइयों को खत्म करने के बारे में सोच लिया जाए।

#ANGER  
गुस्से में बोले गए सभी शब्द हमें नुकसान पहुंचाते हैं ..गुस्से में लिए गए फैसले गलत साबित होते है ....कुल मिलाकर गुस्से के after effects से तो हम सब वाकिफ है लेकिन उसे कंट्रोल,उसे ख़त्म, उस पर काबू पाने के लिए हमे क्या करना चाहिए ...हमे मालूम नहीं ????
 
#OVER REACTION
कितनी बार हम ऐसी गलतियां कर बैठते है कि बाद में हम खुद पछताते है ...कि हमने ऐसा क्यों किया ....मसलन: कुछ ऐसा बोल जाना जो अपनों को हर्ट कर जाए...कुछ ऐसा जो सामने वाले ने हमसे उम्मीद न की हो....कुछ ऐसा जो हमको अपने से दूर कर जाए ....ऐसी बहुत सी situations होती है जब हम over react कर बैठते हैं और तब तक बहुत देर हो चुकी होती है

# EGO
हमारी कथनी और करनी में फर्क तो नहीं होना चाहिए लेकिन क्या जो हम कर रहे हैं उस पर हमें अहंकार है?? I, me, myself  सूनने में अच्छा लगता है .... खुद से प्यार ज़रूरी है लेकिन अहम से जीना, अहंकारी होना किसी मूर्खता से कम नहीं ....क्यों न अपनी खूबियों को अपनी identity के साथ जोड़ें??? अपनी क़ाबिलियत को अपनी strength बनाये रखें??? After all जो पाया है उसे संजोकर भी रखना ज़रूरी है। कोशिश करिये अपनी बुराइयो को मानने की, उन्हें सुधारने की, ख़त्म करने की ....वह कहते है न ....Good character is not formed in a week or a month....it is created little by little, day by day, protracted & patient effort is needed to develop good character​

(ब्‍लॉग लेखिका सुरभि आर शर्मा देश के नंबर वन चैनल इंडिया टीवी में न्‍यूज एंकर हैं)

Latest India News