मुंबई: भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकार FSSAI ने आज बंबई उच्च न्यायालय में तर्क दिया कि किसी खाद्य उत्पाद स्नैक के घटिया होने का संदेह ही उत्पाद की बिक्री पर रोक लगाने का तर्कसंगत आधार हो सकता है।
FSSAI के वकील अनिल सिंह ने न्यायाधीश वी एम कानाडे व न्यायाधीश बी. पी. कोलाबवाला की पीठ के समक्ष यह बात कही। अदालत ने उनसे सवाल किया था कि किसी खाद्य उत्पाद की गुणवत्ता खराब पाए जाने पर खाद्य नियामक को उस उत्पाद से सम्बद्ध खेप पर प्रतिबंध लगाना चाहिए या उस उत्पाद की बिक्री ही पूरी तरह बंद कर देनी चाहिए।
अदालत नेस्ले इंडिया द्वारा FSSAI के पांच जून के आदेश के खिलाफ दायर याचिका की सुनवाई कर रही है। FSSAI ने अपने आदेश में मैगी के नौ संस्करणों पर प्रतिबंध लगा दिया था। याचिका में मैगी की बिक्री प्रतिबंधित करने के महाराष्ट्र सरकार के आदेश को भी चुनौती दी गई है।
आज जब इस मामले को सुनवाई के लिए लिया गया तो FSSAI तथा FDA का प्रतिनिधित्व करने वाले सरकारी वकील हाजिर नहीं थे। इस पर अदालत ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लेने के लिए अधिकारियों को डांट लगाई गई।
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