नई दिल्ली: बजट चंद सरकारी घोषणाओं का एक कागज भर नहीं होता बल्कि उसमें सरकार की आगामी एक साल की योजनाओं का पूरा ब्यौरा होता है, जिसमें काफी सारे पन्ने शामिल होते हैं और इसे देश के वित्त मंत्री सदन में पढ़ते हैं। यह दीगर बात है कि वित्तमंत्री जो भी बातें सदन में पढ़ते हैं वह बजट की Summery भर होता है, लेकिन फिर भी इसे पढ़ने में वक्त लगता है। बजट के ज्ञात इतिहास में लंबे बजट भाषण पढ़ने का चलन कांग्रेस के दिग्गज नेता प्रणब मुखर्जी ने शुरु किया, मगर अब यह रिकॉर्ड भाजपा नेता और देश के मौजूदा वित्त मंत्री अरुण जेटली के नाम है। आज हम आपको अपनी बजट सीरीज में बताने की कोशिश करेंगे कि किन किन वित्त मंत्रियों ने सबसे लंबे बजट भाषण पढ़े।
अरुण जेटली ने पढ़ा अब तक का सबसे लंबा बजट भाषण:
अब तक के सबसे लंबे बजट भाषण का रिकॉर्ड अरुण जेटली के नाम दर्ज है। साल 2014 में अरुण जेटली ने जो बजट पेश किया उसे पढ़ने में उन्होंने 2 घंटे से भी ज्यादा का वक्त लिया। अपने इस बजट भाषण में जेटली ने 16,536 शब्द पढ़े। करीब दो घंटे पांच मिनट के इस भाषण ने काफी सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। इस बजट भाषण में 44 पन्ने शामिल थे। आपको जानकर हैरान होगी कि देश के पहले बजट भाषण में सिर्फ 39 पैराग्राफ ही थे।
| साल |
वित्त मंत्री |
शब्द-पेज-वक्त-पैराग्राफ |
| साल 2014-15 |
पी चिंदबरम |
14 पेज |
| साल 2013-14 |
पी चिदंबरम |
30 पेज |
| साल 2012-13 |
प्रणब मुखर्जी |
36 पेज |
| साल 2011-12 |
प्रणब मुखर्जी |
31 पेज (229 पैराग्राफ)
|
| साल 2002-03 |
यशवंत सिन्हा |
15,882 शब्द (2 घंटे)
|
| साल 1991 |
मनमोहन सिंह |
(दो घंटे से ऊपर) |
| साल 1982 |
प्रणब मुखर्जी |
(1 घंटा 35 मिनट) |
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