नई दिल्ली: अरूणाचल प्रदेश में नई सरकार के गठन को लेकर उच्चतम न्यायालय द्वारा कोई रूकावट नहीं खड़ा करने के बीच केंद्रीय कैबिनेट जल्दी ही राज्य में राष्ट्रपति शासन हटाने की सिफारिश कर सकती है। गृह मंत्रालय संवेदनशील सीमावर्ती प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति के संबंध में राज्यपाल जे पी राजखोवा की रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रहा है। कांग्रेस के असंतुष्ट नेता कलिखो पुल के नेतृत्व में 31 विधायकों ने बीते दिन राज्यपाल से मुलाकात की थी।
आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि राज्यपाल की रिपोर्ट के जल्दी आने की संभावना है और अगर इसमें नई सरकार के गठन के बारे में बात की गई तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की निर्धारित बैठक में गृह मंत्रालय एक नोट पेश करेगा। पुल ने बीते दिन 31 विधायकों के साथ राज्यपाल से मुलाकात कर राज्य में अगली सरकार के गठन का दावा पेश किया था।
राज्य में अभी राष्ट्रपति शासन है। उनके साथ कांग्रेस के 19 और भाजपा के 11 विधायकों के अलावा दो निर्दलीय सदस्य भी थे। इसके बाद कांग्रेस ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाते हुए अनुरोध किया था कि राज्य में नई सरकार के गठन की अनुमति नहीं दी जाए और यथास्थिति कायम रखी जाए। लेकिन उच्चतम न्यायालय ने कांग्रेस के इस अनुरोध पर कोई अंतरिम आदेश देने से इंकार कर दिया कि राज्यपाल को अरूणाचल में नई सरकार को शपथ दिलाने से रोका जाए। पुल के नेतृत्व में कांग्रेस के असंतुष्ट विधायकों ने विद्रोह कर दिया था जिससे राज्य में राजनीतिक संकट पैदा हो गया और अंतत: 26 जनवरी को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया गया। कहा जाता है कि 60 सदस्यीय विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री नबम तुकी को 26 विधायकों का समर्थन हासिल है।
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