नई दिल्ली: सुप्रिम कोर्ट ने आज सार्वजनिक क्षेत्र के 17 बैंकों के कंसोर्टियम द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जता दी जिसमें उद्योगपति विजय माल्या को भारत छोड़ने से रोकने के लिए निर्देश जारी करने की मांग की गई है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की ओर से पेश होते हुए अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने जब इस मामले की जल्द से जल्द सुनवाई करने की अपील की तो प्रधान न्यायाधीश टी एस ठाकुर और न्यायमूर्ति यू यू ललित की पीठ ने कहा, कल सुनवाई के लिए रखा जाए।
रोहतगी ने कहा कि यह याचिका भारतीय स्टेट बैंक :एसबीआई: समेत 17 बैंकों ने माल्या के खिलाफ दायर की है जिनकी विभिन्न कंपनियों ने उनसे रिण दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि इन कंपनियों पर हजारों करोड़ रपए बकाया हैं।
प्रवर्तन निदेशालय ने सीबीआई की शिकायत के आधार पर विजय माल्या के खिलाफ धन शोधन का मामला दर्ज किया था।
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने कर्ज का भुगतान नहीं करने को लेकर शराब कारोबारी विजय माल्या की गिरफ्तारी और उनका पासपोर्ट जब्त करने की मांग वाली SBI सहित विभिन्न बैंकरों की याचिका पर माल्या, उनकी बंद हो चुकी कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस और 9 अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया था।
न्यायमूर्ति ए.एस. बोपन्ना द्वारा नोटिस ऐसे समय जारी किया गया जब रिण वसूली अधिकरण ने भारतीय स्टेट बैंक द्वारा दायर चार में से एक आवेदन पर अपना आदेश सुरक्षित रखा था। एसबीआई सहित 13 बैंकरों ने ने माल्या की गिरफ्तारी और उनका पासपोर्ट जब्त करने के अनुरोध के साथ उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।
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