नयी दिल्ली: सरकार ने आगाह किया कि बड़े नोटों का चलन बंद करने के बाद उन्हें जमा कराने की 50 दिन की छूट की अवधि में 2.5 लाख रुपये से अधिक की नकद जमा के मामलों में यदि आय घोषणा में विसंगति पाई गई तो टैक्स और 200 प्रतिशत जुर्माना भरना पड़ सकता है।
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राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने ट्वीटर पर यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, ''10 नवंबर से 30 दिसंबर 2016 की अवधि में हर बैंक खाते में 2.5 लाख रपये की सीमा से अधिक की सभी नकदी जमाओं की रपट हमें मिलेगी।''
अधिया ने कहा कि आयकर विभाग इन जमाओं का मिलान जमाकर्ता के आयकर रिटर्न से करेंगे। अगर खाताधारक द्वारा घोषित आय और जमा रकम में किसी तरह की विसंगति को कर-चोरी का मामला माना जाएगा।
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