नई दिल्ली: दिनों दिन उग्र होते कावेरी जल विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक और तमिलनाडु दोनों राज्यों के लोगों से संवेदनशीलता दिखाने और शांति और सद्भाव को प्राथमिकता देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के घटनाक्रम से उन्हें दुख पहुंचा है। उन्होंने कहा कि हिंसा से किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता।
साथ ही सरकार ने भी लोगों से अमन और शांति की अपील की, कहा हिंसा को किसी भी स्थिति में सही नहीं ठहराया जा सकता।
बेंगलुरू में हिंसा बढ़ी, गोलीबारी में 1 की मौत
कर्नाटक में आज पुलिस गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि एक अन्य घायल हुआ। इस विवाद से कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है और हिंसा हो रही है।
उच्चतम न्यायालय द्वारा कावेरी नदी के जल को लेकर अपने आदेश में संशोधन के बाद आज बेंगलुरू तथा कर्नाटक के कुछ हिस्सों में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई जबकि तमिलनाडु में भी कई जगह गड़बड़ी पैदा की गयी।
उच्चतम न्यायालय ने 5 सितंबर के आदेश में संशोधन करते हुए कर्नाटक से आज कहा कि 20 सितंबर तक तमिलनाडु के लिए वह कावेरी नदी से कम मात्रा में यानी 12,000 क्यूसेक पानी छोड़े। इसके बाद भीड़ ने तमिलनाडु की नंबर प्लेट वाले कम से कम 30 वाहनों में आग लगा दी। हिंसा से बेंगलुरू में दहशत पैदा हो गई और शहर में 14 सितंबर तक निषेधाग्या लागू कर दी गई।
40 बसों में लगी आग
सलेम में मुख्यालय वाली केपीएन टूअर्स एंड ट्रेवल्र्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राजेश नटराजन ने दावा किया कि चेन्नई में उनकी 40 बसों में आग लगाई गई। आगजनी की घटनाएं ऐसे समय हुई जब पुलिस ने कहा कि उसने 15 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती करके पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की है तथा कर्नाटक प्रदेश रिजर्व पुलिस, सिटी आम्र्ड रिजर्व पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स, क्विक रिएक्शन टीम, विशेष बल, CISF और ITBP के जवान मोर्चा संभाल रहे हैं।
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