नई दिल्ली: आयकर रिटर्न (आईटीआर) ऑनलाइन दाखिल करने को लोकप्रिय बनाने के लिए सीबीडीटी करदाताओं को पहले से भरा हुआ (प्रीफील्ड) रिटर्न फार्म उपलब्ध कराने की योजना बना रहा है। इस तरह के फार्म में करदाताओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी स्वत: ही अपलोड होगी। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) चाहता है कि ग्राहकों के अनुकूल यह कदम अगले वित्त वर्ष से शुरू कर दिया जाएं। वह इस दिशा में सक्रियता से काम कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि नयी ई-फाइलिंग प्रणाली इसी साल अगस्त में लागू की गई थी। इसमें आईटीआर का ऑनलाइन सत्यापन आधार संख्या, इंटरनेट बैंकिंग या एटीएम आदि के जरिए किया जा सकता है। सीबीडीटी की चेयरपर्सन अनिता कपूर ने बताया, हम पहले से भरे फार्म के लिए और अधिक प्रविष्टियां बनाने की संभावना पर विचार कर रहे हैं ताकि आयकरदाताओं के लिए ई-रिटर्न फाइल करना अधिक आसान हो। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि प्रौद्योगिकी स्तर पर आगे बढने की स्थिति में, हम हमेशा करदाताओं के जीवन को और आसान बनाने वाले कदम उठा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ये प्रौद्योगिकी उन्नयन शुरू में उन छोटे करदाताओं के लिए करने का प्रस्ताव है जो कि एक पन्ने वाला आईटीआर (आईटीआर वन) भरते हैं। विभाग का मानना है कि अगर करदाता के पिछले रिकार्ड के डेटा उसके फार्म में स्वत: ही अपलोड हो जाएंगे तो उनके लिए आईटीआर जल्दी व आसानी से दाखिल करना संभव होगा। वे फार्म में दी गई जानकारी में किसी तरह का बदलाव खुद ही कर सकेंगे। उल्लेखनीय है कि सात सितंबर तक कर विभाग को 2.06 करोड़ रिटर्न ई-फाइलिंग पोर्टल के जरिए मिले। यह संख्या पिछले साल की तुलना में 26.12 प्रतिशत अधिक है।
Latest India News