नई दिल्ली: केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को यहां एक अदालत में दिल्ली के मुख्यमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार से जुड़े भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार दो लोगों की जमानत याचिकाओं का विरोध किया। सीबीआई ने कहा कि उनके खिलाफ आरोप गंभीर हैं और वे हाल में राहत पाने वाले कुमार जैसा समान व्यवहार का दावा नहीं कर सकते। विशेष सीबीआई न्यायाधीश अरविंद कुमार ने कुमार के करीबी सहयोगी अशोक कुमार और एक पीएसयू के प्रबंध निदेशक आर एस कौशिक की जमानत याचिकाओं पर दलीलें सुनीं और आदेश एक अगस्त के लिए सुरक्षित रखा।
दोनों आरोपियों द्वारा दायर जमानत याचिकाओं में कुमार के समान व्यवहार का आधार बनाया गया जिसका जांच एजेंसी ने आज विरोध किया। अदालत ने 26 जुलाई को कुमार की जमानत मंजूर की थी। अशोक के अनुरोध का विरोध करते हुए एजेंसी ने कहा कि उनके द्वारा किए गए कथित अपराध गंभीर हैं क्योंकि वह कुमार की तरफ से काम कर रहे थे और वह उनके तथा निजी फर्म एंडिएवर सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड (ईएसपीएल) के बीच की कड़ी थे। एजेंसी ने इससे पहले दावा किया था कि कुमार ने 50 करोड़ रुपए से अधिक के सरकारी ठेकों के लिए ईएसपीएल शुरू की थी। दिल्ली सरकार के उपक्रम इंटेलीजेंट कम्युनिकेशन सिस्टम्स इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक कौशिक के संबंध में सीबीआई ने आरोप लगाया कि वह कुमार की तरफ से ईएसपीएल को ठेके देने के लिए जिम्मेदार हैं।
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