नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो ने मप्र व्यावसायिक परीक्षा मंडल बोर्ड (व्यापमं) द्वारा आयोजित परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के संबंध में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में आज करीब 40 स्थानों पर छापेमारी की। सीबीआई सूत्रों ने बताया कि भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रीवा, जबलपुर , लखनऊ और इलाहाबाद समेत कई अन्य शहरों में खोजबीन अभियान चलाया गया। उन्होंने बताया कि ये छापे किसी मामला विशेष को लेकर नहीं थे बल्कि परीक्षाओं के आयोजन में कथित भ्रष्ट गतिविधियों की व्यापक साजिश का पर्दाफाश करने के लिए यह कार्रवाई की गई।
सीबीआई ने व्यापमं घोटाले के विभिन्न पहलुओं के संबंध में 105 से अधिक मामले दर्ज किए हैं। उच्चतम न्यायालय ने सीबीआई को व्यापमं घोटाले से जुड़े सभी मामलों को अपने अधीन लेने का निर्देश दिया था भले ही वे जांच के किसी भी चरण में हों। प्रधान न्यायाधीश एच एल दत्तू की अध्यक्षता वाली पीठ ने अपने निर्देश में कहा था, मामला किसी भी चरण में हो , आप (सीबीआई) सभी मामलों को देखेंगे। पीठ ने सीबीआई की इस आशंका को भी खारिज किया था कि जिन मामलों में सुनवाई चल रही है, उन मामलों को अपने हाथ में लेने से आशंका है कि विशेष जांच दल (एसआईटी) और विशेष कार्य बल (एसटीएफ) उसके साथ सहयोग नहीं करेंगे। पीठ ने कहा था, आप काम संभालें और एसआईटी, एसटीएफ आपके साथ सहयोग करेंगे। आप उन्हें सहयोग करने के लिए कहें। पीठ में न्यायाधीश सी नागप्पन और अमिताव राय भी थे।
सीबीआई का पक्ष रखते हुए महाधिवक्ता रंजीत कुमार ने कहा था कि 72 मामलों को अपने हाथ में लेने में दिक्कत है जो कि सुनवाई के विभिन्न चरण में हैं। उनमें अभियोजन एसआईटी :एसटीएफ देख रहा है और हो सकता है कि उनके जांच अधिकारी सीबीआई से सहयोग नहीं करें।
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