नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को इस बात से इनकार किया कि उसने दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार के खिलाफ जांच में किसी अप्रासंगिक चीज को जब्त किया है। सीबीआई प्रवक्ता ने कहा कि यह पहले ही साफ किया जा चुका है कि मंगलवार को पड़े छापे के दौरान न तो दिल्ली के मुख्यमंत्री के आफिस की तलाशी ली गई और न ही इसे सील किया गया।
सीबीआई प्रवक्ता देवप्रीत सिंह ने यहां संवाददाताओं से कहा, "सीबीआई इस बात से पूरी तरह इनकार करती है कि तलाशी के दौरान उसने कोई भी ऐसी चीज जब्त की है जो कि जांच के लिए प्रासंगिक नहीं है। कल (मंगलवार) से कुछ हलकों में इस तरह की बात फैलाई जा रही है। यह एजेंसी को बदनाम करने और जांच में बाधा डालने के मकसद से किया जा रहा है।"
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा था कि सीबीआई ने कुछ ऐसे दस्तावेज जब्त किए हैं जिनका राजेंद्र कुमार पर लगे आरोपों से कोई वास्ता नहीं है। प्रवक्ता ने कहा कि 14 जगहों पर (दिल्ली और उत्तर प्रदेश में) पर छापे मारे गए। इनमें दिल्ली सचिवालय भी था। सभी छापे कानून के हिसाब से स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में मारे गए।
उन्होंने कहा, "सभी जब्तशुदा सामानों की जांच सूची को नाम के साथ अदालत के सामने पेश किया जाएगा। सीबीआई ने राजेंद्र कुमार और उनके निजी सहायक के दफ्तर-चेंबर को छोड़कर मुख्यमंत्री कार्यालय समेत दिल्ली सचिवालय के तमाम दफ्तरों में किसी को भी आने-जाने से नहीं रोका।"
सीबीआई प्रवक्ता ने कहा, "पूरी कार्रवाई सीबीआई ने शिकायत मिलने और उसकी स्वतंत्र रूप से जांच करने के बाद खुद की। सीबीआई यह बात दोहराना चाहती है कि 15 दिसंबर को मारे गए छापे और तलाशी कानून सम्मत प्रक्रिया के तहत किए गए और कानूनी प्रक्रियाओं का पूरी सावधानी से पालन किया गया।"
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