1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. CBI ने वीरभद्र के परिसरों पर छापेमारी की, कांग्रेस ने अमानवीय करार दिया

CBI ने वीरभद्र के परिसरों पर छापेमारी की, कांग्रेस ने अमानवीय करार दिया

शिमला /नई दिल्‍ली : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में सीबीआई ने आज 11 स्थानों पर छापेमारी की। कांग्रेस ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए इसे

CBI ने CM वीरभद्र के...- India TV Hindi
CBI ने CM वीरभद्र के परिसरों पर छापेमारी की

शिमला /नई दिल्‍ली : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में सीबीआई ने आज 11 स्थानों पर छापेमारी की। कांग्रेस ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए इसे अमानवीय और बदला लेने वाली कार्रवाई बताया है।

सुबह 7 बजे सीबीआई ने छापेमारी की 

81 वर्षीय सिंह के सुबह साढ़े सात बजे अपने सरकारी आवास से संकट मोचन मंदिर में अपनी दूसरी बेटी की शादी के लिए निकलते ही दिल्ली, शिमला और अन्य स्थानों पर छापेमारी शुरू हो गई। सीबीआई ने सिंह और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोत से 6 . 1 करोड़ रूपये अधिक अर्जित करने के सिलसिले में प्रारंभिक जांच (पीई) दर्ज की थी। उन पर यूपीए के शासन काल में केंद्रीय स्टील मंत्री रहते हुए यह धन अर्जित करने के आरोप हैं। पीई में सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह, पुत्र विक्रमादित्य सिंह, बेटी अपराजिता सिंह और एलआईसी एजेंट आनंद चौहान के नाम हैं और इसे हाल में नियमित केस में बदला गया और एजेंसी ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की।  सूत्रों ने कहा कि आरोप है कि उन्होंने 2009-11 के दौरान बेनामी संपति अर्जित की तब वह संप्रग सरकार में स्टील मंत्री थे। उन्होंने बताया कि इस दौरान सिंह ने एलआईसी एजेंट चौहान के मार्फत जीवन बीमा की पॉलिसी में 6 . 1 करोड़ रूपये निवेश किए। 
 

कांग्रेस का आरोप, बदले की भावना से की गई कार्रवाई

इस कार्रवाई को बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताते हुए कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के घृणा के एजेंडे का हिस्सा है और कांग्रेस पार्टी और इसके नेताओं के खिलाफ राजनीतिक बदले की कार्रवाई है जिसमें सीबीआई ने भारत के सबसे वरिष्ठ मुख्यमंत्री के आवास पर छापेमारी की है।  आजाद ने संवाददाताओं से कहा कि कार्रवाई ने राजनीति का दुखद उदाहरण पेश किया है जो सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है क्योंकि सीबीआई ने ऐसे समय में कार्रवाई की जब उनकी बेटी की शादी हो रही थी। आजाद ने कहा, एक तरफ दूल्हा और दुल्हन पक्ष का पूरा परिवार और अतिथि शादी के लिए मंदिर की तरफ जा रहे थे। मोदी सरकार ने निजी बदले की भावना से सिंह के आवास पर छापेमारी की। 


उन्होंने कहा, मोदी सरकार की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता ने इसे भारतीय संस्कृति और परंपरा से विमुख कर दिया है जिसमें बेटी की शादी को बाधित नहीं किया जाता है। यह अमानवीय, क्रूर और बदले की भावना प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत शैली है। 


सिंह और उनके परिवार के सदस्यों के शादी के लिए रवाना होने के कुछ मिनट के अंदर ही 18 सदस्यीय छापेमारी दल पांच वाहनों में सिंह के आवास पर पहुंचा। मुख्यमंत्री और उनका परिवार सादे शादी समारोह के बाद पूर्वाह्न 11 बजे के करीब घर लौट आया लेकिन आवास के बाहर खड़े संवाददाताओं से बात नहीं की। इस पर प्रतिक्रिया जताते हुए राज्य भाजपा के नेता सुरेश भारद्वाज ने और पार्टी प्रवक्ता गणेश दत्त ने मुख्यमंत्री के तुरंत इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा, सिंह और उनके परिवार के सदस्यों पर भ्रष्टाचार के मामले सामने आने के बाद हम लंबे समय से उनके इस्तीफे की मांग करते रहे हैं और उन्हें तुरंत पद से हट जाना चाहिए।  हिमाचल प्रदेश की पूरी कैबिनेट ने कल संयुक्त बयान जारी कर भाजपा नीत राजग सरकार पर राज्य की कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने के लिए दबाव की नीति अपनाने के आरोप लगाए थे। 

Latest India News